हरियाणवी फिल्म बस्ता को मिले तीन नए राष्ट्रीय पुरस्कार, कुल हुए 9 सम्मान

हरियाणवी फिल्म बस्ता को मिले तीन नए राष्ट्रीय पुरस्कार, कुल हुए 9 सम्मान

हरियाणवी फिल्म ‘बस्ता’ की राष्ट्रीय स्तर पर फिर धमक, तीन नए पुरस्कारों के साथ कुल 9 सम्मान

अगली फिल्मों से नशे के खिलाफ जागरूकता लाकर सरकार की मुहिम में योगदान देना चाहते हैं प्रदीप नैन

नरेंद्र जेठी/नरवाना /03 अक्टूबर2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

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नारवाना उपमंडल के गांव दनौदा के फिल्मकार प्रदीप नैन ने एक बार फिर अपनी हरियाणवी शार्ट फिल्म बस्ता के जरिए इलाके और हरियाणा का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। इस फिल्म ने जयपुर नेशनल सिने Awards S-2 में तीन बड़े पुरस्कार हासिल किए हैं। फिल्म को बेस्ट शार्ट फिल्म, बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट और बेस्ट सिनेमेटोग्राफी के पुरस्कार मिले हैं। इन नए पुरस्कारों को मिलाकर अब इस फिल्म को कुल 9 राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। फिल्म की इस बड़ी उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ## फिल्म की सफलता और मुख्य बातें

  • हरियाणवी शार्ट फिल्म बस्ता ने जयपुर नेशनल सिने Awards S-2 में तीन पुरस्कार जीते हैं।
  • फिल्म के लेखक और निर्देशक दनौदा निवासी प्रदीप नैन हैं।
  • अंकित अग्रवाल को बेस्ट सिनेमेटोग्राफी का पुरस्कार मिला है।
  • बाल कलाकार आयुष पवार को बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का पुरस्कार मिला है।
  • फिल्म इससे पहले विभिन्न आयोजनों में 6 राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार हासिल कर चुकी है।

फिल्म के लेखक और निर्देशक प्रदीप नैन की उपलब्धि

नरवाना उपमंडल के गांव दनौदा के प्रदीप नैन फिल्मकार कई पुरस्कार जीत कर अपना ही नहीं बल्कि इलाके व हरियाणा का नाम रोशन किया हैं। हरियाणवी शार्ट फिल्म बस्ता ने जयपुर नेशनल सिने Awards S-2 में बेस्ट शार्ट फिल्म, बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट और बेस्ट सिनेमेटोग्राफी के पुरस्कार हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। इस फिल्म के लेखक एवं निर्देशक प्रदीप नैन दनौदा हैं, जबकि अंकित अग्रवाल ने बेस्ट सिनेमेटोग्राफी का पुरस्कार हासिल किया। बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का पुरस्कार फिल्म के बाल कलाकार आयुष पवार को मिला।

फिल्म निर्माण और कलाकारों की भूमिका

प्रदीप नैन का कहना है कि बस्ता की सफलता में केवल मेरा हाथ नही, बल्कि फिल्म के साथ जुडे हर व्यक्ति का अहम योगदान है। फिल्म में कलाकार आयुष पवार, गीतू परी, राकेश सैनी, देव सुमन, सुमीत्रा जींद, सीमी अग्रवाल सहित अन्य कलाकारों ने भूमिका निभाई है। फिल्म निर्माण TRP के बैनर तले जींद के ही काकडोद गांव में प्रोडक्शन किया गया।

पिछली फिल्मों का सफर और अनुभव

अंकित अग्रवाल और प्रदीप नैन ने कई फिल्मों और म्यूजिक वीडियो में काम किया है, लेकिन बस्ता और वर्ष 2016 में उनके द्वारा लिखी फिल्म माणष माणष की दवाई ने उन्हें विशेष पहचान दिलाई। माणस माणष की दवाई स्व. श्रवण कुमार की देखरेख में बनी थी और दो स्थानों पर पुरस्कार हासिल कर चुकी है। वहीं, बस्ता इससे पहले विभिन्न आयोजनों में 6 राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार हासिल कर चुकी है।

समाज के लिए उपयोगी फिल्में बनाने का उद्देश्य

प्रदीप नैन ने कहा कि मेरा उद्देश्य गंद फैलाकर पैसे और पहचान बनाना नहीं है। मेरी कोशिश है कि मेरी हर फिल्म साफ-सुथरी और समाज के लिए उपयोगी हो। वह आगामी फिल्मों के माध्यम से नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाकर हरियाणा सरकार की मुहिम में योगदान देना चाहते हैं।

बधाई देने वालों का तांता

फिल्म की सफलता पर राजेंद्र नैन ठेकेदार, डा. जगदीप नैन, रमेश भनवाला, कर्मवीर जांगड़ा, सुशील हरियाणवी, डा. पूनम खटकड़, प्रवीण दुग्गल, मा. रूपेंद्र गोयत, शिवराज गोयत, निर्देशक एवं अन्य फिल्म निर्माताओं ने टीम को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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