हरियाणा में आपदा प्रबंधन संभालेंगे युवा, 14 जिलों में 5200 युवाओं को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

हरियाणा सरकार ने आपदा प्रबंधन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना तैयार की है। इसके तहत राज्य के 14 जिलों में 5,200 और युवाओं को प्रशिक्षित करने की योजना बनाई गई है। प्रत्येक प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवक को एक एमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही इन युवाओं को तीन वर्ष का जीवन एवं चिकित्सा बीमा कवर भी दिया जाएगा।
चंडीगढ़ में हुई राज्य आपदा प्रबंधन कार्यकारिणी समिति की बैठक
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में गुरुवार को चंडीगढ़ में राज्य आपदा प्रबंधन कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की युवा आपदा मित्र योजना के तहत वर्ष 2025-26 में प्रदेश के आठ जिलों में लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस लक्ष्य के तहत राष्ट्रीय कैडेट कोर यानी एनसीसी, राष्ट्रीय सेवा योजना यानी एनएसएस, नेहरू युवा केन्द्र संगठन यानी एनवाईकेएस और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के 5,400 युवा स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया था।
हरियाणा युवा आपदा मित्र योजना का विस्तार
अब इस योजना का विस्तार राज्य के शेष 14 जिलों में हरियाणा युवा आपदा मित्र योजना के रूप में किया जाएगा। इस नई योजना के तहत जिलों की जनसंख्या और आपदा जोखिम की स्थिति के आधार पर 5,200 और युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। डॉ. सुमिता मिश्रा ने यह भी बताया कि इन स्वयंसेवकों का चयन एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस तथा भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के नामित नोडल अधिकारियों के माध्यम से किया जाएगा। इन सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के समन्वय की पूरी जिम्मेदारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों की होगी।
सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम
चयनित स्वयंसेवकों को 35 से 50 प्रतिभागियों के बैच में सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित मॉड्यूल के अनुसार यह प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में बाढ़ के दौरान सुरक्षा एवं बचाव, अग्निशामक यंत्रों के उपयोग, खोज एवं बचाव तकनीक, प्राथमिक उपचार तथा आपातकालीन स्थिति में आवश्यक बुनियादी प्रतिक्रिया से संबंधित सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल होगा।
जिला प्रशासन के साथ जुड़ेंगे प्रशिक्षित स्वयंसेवक
प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को सीधे जिला प्रशासन के साथ जोड़ा जाएगा। जिला प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ तथा राज्य आपदा मोचन बल यानी एसडीआरएफ द्वारा आयोजित मॉक ड्रिल एवं आपातकालीन तैयारियों से संबंधित अभ्यासों में इन युवाओं की सेवाएं ली जाएंगी। इसके अलावा, बड़े आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन, राहत सामग्री वितरण तथा मानवीय सहायता संबंधी कार्यों में भी ये स्वयंसेवक प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे।
फसल नुकसान और मुआवजे की समीक्षा
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बैठक में यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2024-25 की रबी फसल को बारिश एवं ओलावृष्टि से हुए नुकसान के लिए 52.14 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा, बैठक में वर्ष 2025 की खरीफ फसल को भारी बारिश एवं जलभराव से हुए नुकसान के लिए दिए जाने वाले मुआवजे की भी गहन समीक्षा की गई। इसके तहत 116.15 करोड़ रुपये तथा 370.52 करोड़ रुपये की राशि जारी किए जाने की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।