हरियाणा में तीन लाख 78 हजार नए मतदाताओं ने किया आवेदन, एसआईआर में 4.35 लाख मामलों की सुनवाई बाकी

हरियाणा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। प्रदेश के नागरिकों ने मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने और मौजूदा विवरण में बदलाव के लिए बढ़-चढ़कर आवेदन किया है। इस अभियान से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं: - नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए तीन लाख 77 हजार 987 आवेदन प्राप्त हुए हैं। - मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए कुल 40 हजार 162 आवेदन मिले हैं। - नाम, पता व अन्य विवरण में संशोधन के लिए 2 लाख 14 हजार 693 आवेदन आए हैं। - दावों और आपत्तियों के निपटारे की यह पूरी प्रक्रिया 28 अक्टूबर तक चलेगी। - इसके बाद आगामी छह नवंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
विभिन्न जिलों में नए पंजीकरण के आंकड़े
राज्य निर्वाचन आयोग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फार्म-6 के तहत सबसे ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं। गुरुग्राम जिले से सबसे अधिक 39 हजार 985 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके बाद फरीदाबाद जिले से 33 हजार 463 और हिसार जिले से 22 हजार 001 आवेदन आए हैं। दूसरी तरफ कुछ जिलों में इसके आंकड़े कम रहे हैं। चरखी दादरी में सात हजार 095 आवेदन दर्ज किए गए हैं। पंचकूला में आठ हजार 786 और नूंह में नौ हजार 087 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
नाम हटाने और विवरण संशोधन के आवेदन
फार्म-7 के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए कुल 40 हजार 162 आवेदन मिले हैं। पानीपत जिला तीन हजार 600 आवेदनों के साथ इस सूची में सबसे आगे है। हिसार से दो हजार 790 और सिरसा से दो हजार 539 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं दूसरी ओर फार्म-8 के तहत कुल दो लाख 14 हजार 693 आवेदन आए हैं। यह आवेदन मतदाता सूची में जानकारी दुरुस्त करने और पता बदलने के लिए हैं। इनमें कुरुक्षेत्र से 14 हजार 347, गुरुग्राम से 13 हजार 767 और जींद से 13 हजार 513 आवेदन शामिल हैं।
एसआईआर के लंबित मामलों पर निर्देश
एसआईआर के दौरान मैपिंग नहीं होने या मैपिंग में विसंगति पाए जाने की घटनाएं सामने आई थीं। इस कारण से पूरे प्रदेश में कुल 44 लाख 91 हजार 691 नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से 40 लाख 56 हजार 716 मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। हालांकि अभी भी चार लाख 34 हजार 975 मामलों का निपटारा होना बाकी है। सबसे अधिक लंबित मामले फरीदाबाद, करनाल और हिसार जिलों में हैं। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजकुमार लोहान ने सभी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। लंबित मामलों की समयबद्ध सुनवाई पूरी तरह से सुनिश्चित की जाए। निर्णय लेते समय भारत निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए।