नूंह में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ करेगा सेवा संकल्प अभियान का विरोध, मोहम्मद अरशद ने उठाई मांगें

नूंह में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ करेगा सेवा संकल्प अभियान का विरोध, मोहम्मद अरशद ने उठाई मांगें

नूंह में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान मोहम्मद अरशद ने एक बड़ा ऐलान किया है। संघ सरकार के सेवा संकल्प अभियान का कड़ा विरोध करेगा। संघ के प्रधान और सचिव की तरफ से एक आधिकारिक बयान जारी किया गया है। इस बयान में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की बात कही गई है। साथ ही शिक्षकों की सेवा शर्तों का मुद्दा भी उठाया गया है। कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर सरकार से तुरंत समाधान करने की मांग की गई है।

शिक्षक गैर-शैक्षणिक कार्यों में व्यस्त, पढ़ाई हो रही प्रभावित

मोहम्मद अरशद ने जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल महीने से शिक्षकों को लगातार अलग-अलग कामों में लगाया जा रहा है। शिक्षकों को जनगणना, एसआईआर और ट्रेनिंग जैसे कार्यों में लगातार ड्यूटी पर रखा जा रहा है। इसकी वजह से स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई काफी हद तक प्रभावित होने की स्थिति बन रही है। उन्होंने सरकार के सामने एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने पूछा कि जब शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में व्यस्त रखा जाता है, तो फिर घटते नामांकन और स्कूलों के मर्ज होने की पूरी जिम्मेदारी शिक्षकों पर ही क्यों डाली जा रही है।

AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

अतिथि अध्यापकों को नियमित करने और पेंशन समस्याओं के समाधान की मांग

हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। संघ ने पिछले 21 वर्षों से लगातार कार्यरत अतिथि अध्यापकों को तुरंत नियमित करने की मांग की है। इसके अलावा शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की पेंशन से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान करने की बात कही गई है। नए सेवा नियमों की वजह से पदोन्नति और एसीपी लाभ मिलने में जो दिक्कतें आ रही हैं, उन्हें भी दूर किया जाए। लंबे समय से लंबित पड़ी सभी मांगों का समयबद्ध तरीके से समाधान करने की सख्त आवश्यकता जताई गई है। संघ ने अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए आंदोलन करने वाले सभी कर्मचारियों की बात सुनने की अपील की है। इसके साथ ही सार्वजनिक उपक्रमों और सरकारी सेवाओं को और अधिक मजबूत करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई है।

प्रधानमंत्री से सभी बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की अपील

संघ की तरफ से देश के प्रधानमंत्री से भी कई अहम मांगें की गई हैं। प्रधानमंत्री से मांग की गई है कि देश के सभी बच्चों को समान, निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। लंबे समय से काम कर रहे शिक्षकों और कर्मचारियों की तमाम समस्याओं का स्थाई समाधान किया जाए। स्कूलों और विभागों में खाली पड़े सभी पदों को नियमित भर्ती के जरिए जल्द से जल्द भरा जाए। इसके अलावा देश के सभी नागरिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, आवास और अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह सुनिश्चित की जाएं। सार्वजनिक सेवाओं का दायरा बढ़ाने और उन्हें पूरी तरह से सुदृढ़ करने की मांग भी इस दौरान प्रमुखता से उठाई गई।

Share:

Comments

Leave a comment