हरियाणा सरकार की शहरी क्षेत्रों के लिए बड़ी पहल, 1646 वार्ड कमेटियों का गठन

हरियाणा सरकार ने शहरी क्षेत्रों में आम जनता की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के सभी शहरी निकायों में 1646 वार्ड समितियों का गठन किया गया है। आम जनता अब स्वच्छता और कचरा संग्रहण से जुड़ी अपनी शिकायतें इन वार्ड कमेटियों को दर्ज करा सकेगी।
आमजन स्वच्छता व कचरा संग्रहण को लेकर इन वार्ड कमेटियों के व्हाट्सएप नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इन शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जाएगा। इसके साथ ही कचरा उठाने वाले वाहनों पर जीपीएस ट्रैकर भी लगाए जा रहे हैं।
कचरा उठाने वाले वाहनों पर जीपीएस ट्रैकर
चंडीगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि आमजन की सुविधा और शिकायतों के समाधान के लिए यह कदम उठाया गया है। घर-घर कचरा उठाने वाले वाहनों की निगरानी के लिए 87 में से 83 शहरी स्थानीय निकायों में 4जी और 5जी नेटवर्क वाली जीपीएस प्रणाली के वाहन चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शेष चार शहरी स्थानीय निकायों में भी इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
विभिन्न विषयों की समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के शहरी निकायों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, रूट मैपिंग, मशीनरी की उपलब्धता, पोर्टल के माध्यम से भुगतान, वार्ड समितियों के गठन, स्वच्छता पखवाड़ा कलैंडर, बल्क वेस्ट जनरेटर की पहचान व पंजीकरण, तथा एनजीओ मैपिंग और एमओयू सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने घर-घर कचरा संग्रहण के लिए रूट मैपिंग की स्थिति की भी पूरी समीक्षा की।
रूट मैपिंग और भुगतान की प्रक्रिया
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जून महीने में प्रदेश के 87 में से केवल 28 शहरी स्थानीय निकायों में 100 रूट मैपिंग का कार्य पूरा हो पाया था। 20 सितंबर तक यह संख्या बढ़कर 66 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक वार्ड के रूट मैपिंग में संबंधित कचरा संग्रहण वाहन, उसका तय समय और चालक का संपर्क नंबर जरूर शामिल किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि सेवा प्रदाता एजेंसियों को भुगतान केवल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल के माध्यम से ही किया जाए।
वार्ड कमेटियों की सक्रियता और पोर्टल
अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि सितंबर महीने तक 87 में से 86 शहरी स्थानीय निकायों में कुल 1,646 वार्ड कमेटियां गठित की जा चुकी हैं। ये सभी कमेटियां पूरी तरह से सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। इन वार्ड कमेटियों के सदस्यों को उनके पहचान पत्र भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वार्ड कमेटियों को स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी करने, स्थानीय समस्याओं की पहचान करने और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
आयुक्त एवं सचिव ने आगे बताया कि सभी 23 जिलों के उपायुक्तों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पोर्टल पर यूजर आईडी बनाई जा चुकी है। इसके अलावा, प्रदेश के कुल 23 जिलों में से 21 जिलों में जिला विशेष प्रकोष्ठों का गठन भी किया जा चुका है।