हरियाणा की सड़कों को बेहतर और सुरक्षित बनाने पर गुजरात में होगा बड़ा मंथन

हरियाणा में सड़कों को और बेहतर, सुरक्षित एवं सुगम बनाने तथा सड़क निर्माण में आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर मंथन होगा। यह आयोजन 5 अक्टूबर से गुजरात में केंद्रीय मंत्री गडकरी की मौजूदगी में होगा। हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ 5 और 6 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर, नर्मदा में आयोजित राष्ट्रीय चिंतन शिविर में शामिल होंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा आयोजित इस शिविर में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में विभिन्न राज्यों के सड़क एवं राजमार्ग विभागों के मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा लेंगे।
राष्ट्रीय चिंतन शिविर में नई तकनीकों और कार्यप्रणालियों पर होगी चर्चा
रणबीर गंगवा ने बताया कि चिंतन शिविर में विभिन्न राज्यों में सड़क निर्माण और रखरखाव के क्षेत्र में अपनाई जा रही नई तकनीकों, आधुनिक कार्यप्रणालियों और सफल प्रयोगों पर चर्चा की जाएगी। हरियाणा की सड़क परियोजनाओं से जुड़े अनुभव तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों को भी साझा किया जाएगा। साथ ही, अन्य राज्यों में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों और बेहतर कार्यप्रणालियों की जानकारी ली जाएगी, ताकि हरियाणा की आवश्यकताओं के अनुरूप उपयोगी विकल्पों पर विचार किया जा सके।
प्रधानमंत्री गति शक्ति और बुनियादी ढांचे की समन्वित योजना पर होगी बात
मंत्री ने बताया कि शिविर में प्रधानमंत्री गति शक्ति के माध्यम से सड़क तथा अन्य बुनियादी ढांचे की समन्वित योजना, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल तथा परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन जैसे विषयों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, कार्यों की निगरानी को मजबूत करने तथा परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने के उपायों पर भी राज्यों के अनुभव साझा किए जाएंगे। केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से सड़क परियोजनाओं को गति देने के उपायों पर भी विचार-विमर्श होगा।
आमजन के सुगम आवागमन के लिए आधुनिक विकल्पों पर विचार
गंगवा ने कहा कि सड़कों का सीधा संबंध आमजन के दैनिक आवागमन से है। इसलिए सड़कें बेहतर, सुरक्षित और सुगम हों तथा लोगों को आवागमन में कम से कम परेशानी हो, इसके लिए नई तकनीकों और बेहतर विकल्पों पर निरंतर विचार किया जाना आवश्यक है।