हरियाणा में स्थाई मान्यता वाले स्कूलों का दस साल बाद रिव्यू करवाने का विरोध, प्राइवेट स्कूल संघ ने खोला मोर्चा

हरियाणा में स्थाई मान्यता वाले स्कूलों का दस साल बाद रिव्यू करवाने का विरोध, प्राइवेट स्कूल संघ ने खोला मोर्चा

हरियाणा सरकार द्वारा स्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों की मान्यता का दस साल बाद दोबारा रिव्यू करवाने के आदेश जारी किए गए हैं। इस सरकारी फैसले के खिलाफ प्राइवेट स्कूल संघ ने पूरी तरह से मोर्चा खोल दिया है। संघ ने सरकार से मांग की है कि इन आदेशों को तुरंत वापस लिया जाए। हरियाणा सरकार ने बीती 30 सितंबर तक निजी स्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों की मान्यता का रिव्यू करवाने के आदेश जारी किए थे।

प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष का बयान

संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने इस मामले में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि स्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों की गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा पहले से ही विभिन्न माध्यमों से लगातार होती रहती है। शिक्षा विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूलों से फॉर्म-6 भरवाया जाता है। इसके अलावा यूडाईज के माध्यम से भी स्कूल की आधारभूत संरचना, विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी दी जाती है।

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हर साल भरी जाती है निरंतरता फॉर्म की जानकारी

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा भी स्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों से प्रतिवर्ष दो हजार शुल्क पल्स जीएसटी के साथ निरंतरता फॉर्म भरवाया जाता है। इस फॉर्म में स्कूल की सारी जानकारी भरी जाती है। इसी के माध्यम से स्कूल की मान्यता की समीक्षा पहले से ही होती है। ऐसे में अलग से 10 वर्ष बाद रिव्यू की अनिवार्यता पूरी तरह से गलत है।

शपथ पत्र से भी हो सकती है दस्तावेजों की पुष्टि

कुंडू ने कहा कि यदि विभाग को इन स्कूलों की मान्यता से संबंधित जानकारी या दस्तावेजों की पुष्टि ही करनी है। तो इसके लिए संबंधित स्कूल से शपथ पत्र लेकर भी समीक्षा की जा सकती है। आरटीई नियम-2011 के अपेंडिक्स एक में निर्धारित मानकों के अनुसार एक कमरा-एक कक्षा के हिसाब से स्कूलों को मान्यता देने का प्रावधान भी मौजूद है।

नियम को सख्ती से लागू करने पर रखी मांग

यदि विभाग स्कूलों की मान्यता समीक्षा को इतना सख्ती से लागू करना चाहता है। तो फिर स्कूलों को इस नियम के तहत एक कमरा-एक कक्षा के अनुसार मान्यता भी मिलनी चाहिए। प्राइवेट स्कूल संघ इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ लगातार विरोध दर्ज करवा रहा है।

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