हरियाणा में TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का प्रदेशव्यापी आंदोलन, 30 सितंबर तक होंगे प्रदर्शन

टीईटी की अनिवार्यता समाप्त कराने के लिए प्रदेशव्यापी आंदोलन होगा
अब 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए भी अगस्त 2028 तक TET की शर्त
एसोसिएशन का दावा है कि इससे लगभग 50,000 शिक्षक प्रभावित होंगे
हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन की सरकार और शिक्षा विभाग को खरी खरी
एसोसिएशन द्वारा प्रदेशभर में जिला मुख्यालयों पर 30 सितंबर तक प्रदर्शन किए जाएंगे
फतह सिंह उजाला/गुरुग्राम /17 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष हरिओम राठी, प्रदेश कोषाध्यक्ष चतर सिंह एवं गुरुग्राम जिला प्रधान अमित भारद्वाज ने बताया कि शिक्षा विभाग, हरियाणा द्वारा माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए 14 सितंबर 2026 को जारी पत्र में प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों के लिए सेवा में बने रहने हेतु निर्धारित अवधि के भीतर टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) उत्तीर्ण करने की शर्त रखी गई है। एसोसिएशन पदाधिकारियों के अनुसार, RTE Act, 2009 के अंतर्गत NCTE द्वारा अगस्त 2010 में शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता निर्धारित की गई थी। वर्ष 2017 में RTE Act की धारा 23 में संशोधन के बाद निर्धारित श्रेणी के शिक्षकों के लिए तय समय-सीमा में TET उत्तीर्ण करने का प्रावधान किया गया था। एसोसिएशन का कहना है कि पूर्व में वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर यह व्यवस्था लागू नहीं मानी जाती थी।
एसोसिएशन के अनुसार, अब विभागीय पत्र में वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए भी अगस्त 2028 तक TET उत्तीर्ण करने की शर्त का उल्लेख किया गया है। ऐसा न करने की स्थिति में संबंधित शिक्षकों की सेवा प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। एसोसिएशन का दावा है कि इससे लगभग 12,000 प्राथमिक शिक्षकों सहित करीब 50,000 शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं। पत्र में पांच वर्ष से कम शेष सेवा वाले शिक्षकों को छूट तथा पदोन्नति के लिए TET उत्तीर्ण होने से संबंधित शर्तों का भी उल्लेख बताया गया है। प्रदेश अध्यक्ष हरिओम राठी ने बताया कि विभागीय पत्र के विरोध में हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन द्वारा प्रदेशभर में जिला मुख्यालयों पर 30 सितंबर 2026 तक प्रदर्शन किए जाएंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर विभागीय पत्र पर पुनर्विचार करने तथा पूर्व से कार्यरत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।
गुरुग्राम जिला प्रधान अमित भारद्वाज ने कहा कि वर्षों से शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे अनुभवी शिक्षकों के हितों और उनकी सेवा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस विषय पर गंभीरता से पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन प्रदेश संगठन के आह्वान पर शिक्षक हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर एकजुट होकर अपनी मांग सरकार के समक्ष मजबूती से रखेगी। एसोसिएशन का कहना है कि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए उपलब्ध संवैधानिक एवं वैधानिक प्रावधानों की विधिक समीक्षा करते हुए शिक्षकों के हित में संभावित समाधान तलाशे जाने चाहिए। हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि संबंधित कानूनी प्रावधानों, अधिसूचनाओं एवं विभागीय निर्देशों की व्यापक समीक्षा कर ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे पुराने शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता और कानूनी स्पष्टता सुनिश्चित हो सके।