गुरुग्राम व नूंह में बिजली वितरण निजी कंपनी को सौंपने के विरोध में उतरी हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन

गुरुग्राम व नूंह में बिजली वितरण निजी कंपनी को सौंपने के विरोध में उतरी हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन

हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने गुरुग्राम व नूंह जिलों में समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस हासिल करने के लिए इलेवन पॉवर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका का कड़ा विरोध कर दिया है।

  • इलेवन पावर कंपनी के पास बिजली वितरण का कोई अनुभव नहीं है और उसका टर्नओवर भी शून्य है।
  • एसोसिएशन ने इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और आंदोलन की चेतावनी दी है।
  • वर्तमान में यह मामला हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के समक्ष विचाराधीन है।
  • हाईकोर्ट के निर्देश पर एचईआरसी द्वारा इस मामले में एसोसिएशन का पक्ष सुना जा सकता है।

इलेवन पावर कंपनी द्वारा अग्रिम कैविएट दाखिल करने पर उठाए गए सवाल

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हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव रविंदर घनघस ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि आवेदक कंपनी इलेवन पॉवर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पहले ही एक अग्रिम कैविएट दाखिल कर दी है। कंपनी को इस बात का अंदेशा है कि ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फैडरेशन, कर्मचारी व उपभोक्ता संगठन आयोग के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जा सकते हैं। एसोसिएशन का कहना है कि विनियामक आदेश आने से पहले ही अग्रिम कैविएट दाखिल करने से लाइसेंसिंग प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गंभीर आशंकाएं पैदा हो रही हैं। एचपीईए ने यह प्रमुख मांग की है कि आयोग इस पूरी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरते।

अनुभवहीन कंपनी और वित्तीय दस्तावेजों पर खड़े किए गए गंभीर सवाल

इलेवन पावर कंपनी का वर्ष 2025-26 में टर्नओवर 'शून्य रुपए' था और उसके पास बिजली वितरण का कोई भी तकनीकी अनुभव नहीं है। कंपनी के पास संपत्ति के नाम पर केवल मेदांता ग्रुप (ग्लोबल हेल्थ) की सहायक कंपनी के शेयर उपलब्ध हैं। एसोसिएशन का मुख्य तर्क यह है कि आयोग को ऐसी अनुभवहीन कंपनी का आवेदन शुरू में ही खारिज कर देना चाहिए था। एचईआरसी द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी ने बैंक के 1,000 करोड़ और एक अन्य कंपनी के 1,000 करोड़ के दो अलग-अलग सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट्स को आपस में जोड़कर कुल 2,000 करोड़ मान लिया है, जो कि वित्तीय व कानूनी रूप से पूरी तरह गलत है।

एसोसिएशन की ओर से राज्यव्यापी आंदोलन की दी गई कड़ी चेतावनी

हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि यदि इंजीनियरों, कर्मचारियों, किसानों और उपभोक्ताओं की आपत्तियों पर ध्यान दिए बिना कोई भी एकतरफा फैसला जनता पर थोपा गया, तो वह अन्य जन-संगठनों के साथ मिलकर राज्यव्यापी, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने के लिए पूरी तरह बाध्य होगी।

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