हरियाणा सरकार का किसानों के लिए बड़ा फैसला: बागवानी फसलों की खेती के लिए मिलेगा भारी सब्सिडी, जानें पूरी जानकारी

हरियाणा सरकार ने प्रदेश के किसानों की आय में वृद्धि करने और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना लागू की है। इस योजना का नाम 'बागवानी फसलों की खेती के लिए अनुदान प्रावधान' है।
- फलों, सब्जियों, फूलों और मसालों की खेती पर मिलेगी सब्सिडी।
- अधिकतम 5 एकड़ तक की जमीन पर अनुदान का लाभ उठाया जा सकता है।
- सब्सिडी की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
## बागवानी फसलों की खेती के लिए अनुदान की सीमा
उद्यान विभाग हरियाणा के प्रवक्ता ने सोमवार को इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि सरकार राज्य के किसानों को फल, सब्जी, फूल, मसाले और खुशबूदार पौधों की खेती करने पर भारी सब्सिडी प्रदान कर रही है।
इस योजना के तहत आवेदन और अनुदान की सीमा तय की गई है। इसके अनुसार, फलों के नए बाग लगाने और मसालों की खेती करने वाले किसानों को अधिकतम 5 एकड़ तक का लाभ मिल सकता है।
वहीं, सब्जियों की खेती के लिए सामान्य वर्ग के किसान अधिकतम 5 एकड़ तक का लाभ ले सकते हैं। अनुसूचित वर्ग के किसान इस योजना के तहत 1 एकड़ तक का लाभ ले सकते हैं। फूलों और खुशबूदार पौधों की खेती के लिए यह सीमा 5 एकड़ तक निर्धारित की गई है।
## अनुदान की राशि और शर्तें
प्रवक्ता ने बताया कि नए बाग लगाने पर किसानों को 24,500 रुपये से लेकर 1,40,000 रुपये प्रति एकड़ तक का अनुदान दिया जाएगा।
सब्जियों की खेती के लिए सामान्य वर्ग के किसानों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ का अनुदान मिलेगा। वहीं, अनुसूचित वर्ग के किसानों को 25,500 रुपये प्रति एकड़ की दर से सब्सिडी दी जाएगी।
यह अनुदान केवल तभी देय होगा जब किसान मल्चिंग, लो टनल, ड्रिप या बांस की स्टेकिंग जैसे एकीकृत मॉडल अपनाएंगे।
इसी प्रकार, मसालों की खेती पर 15,000 से 30,000 रुपये प्रति एकड़, फूलों की खेती पर 8,000 से 40,000 रुपये प्रति एकड़ और खुशबूदार पौधों की खेती पर 8,000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान का प्रावधान किया गया है।
## पारदर्शिता और भुगतान भुगतान का तरीका
सरकार ने इस योजना के तहत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक खास तरीका अपनाया है। अनुदान की पूरी राशि सीधे लाभार्थी किसान के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी।