हरियाणा में खत्म होगी अनाज भंडारण की समस्या, अंबाला-शाहबाद और यमुनानगर में बनेंगे नए गोदाम

चंडीगढ़ में 19 सितंबर को मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा में आने वाले समय में अनाज भंडारण की समस्या का समाधान होने जा रहा है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री नायब सैनी की बजट घोषणा पर काम शुरू कर दिया है। सरकार तीन लाख टन अनाज भंडारण हेतु गोदाम निर्माण की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
अंबाला, शाहबाद और यमुनानगर में निर्माण कार्य
राज्य सरकार द्वारा अंबाला-शाहबाद क्षेत्र में 100 एकड़ भूमि पर साइलो बनाया जाएगा। यमुनानगर में निर्माणाधीन साइलो का काम भी निर्धारित अवधि में पूरा होने की उम्मीद है। सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन मोहनलाल कौशिक ने इस संबंध में पूरी जानकारी साझा की है।
गोदामों के निर्माण और नवीनीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च
हरियाणा राज्य वेयर हाउसिंग कारपोरेशन द्वारा 180 करोड़ रुपये की लागत से दो लाख 30 हजार 508 एमटी के नए गोदाम बनाए जाएंगे। इसके अलावा एक लाख 43 हजार 664 एमटी के गोदामों का नवीनीकरण करने की योजना तैयार की गई है। इस नवीनीकरण योजना पर 110.68 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इस प्रकार कुल 290 करोड़ रुपये नए गोदाम बनाने और पुराने गोदामों के जीर्णोद्धार पर खर्च किए जा रहे हैं।
अधिकारियों को गोदामों के निरीक्षण के निर्देश
चेयरमैन मोहनलाल कौशिक ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे प्रदेश के गोदामों का पाक्षिक एवं मासिक निरीक्षण सुनिश्चित करें। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि अनाज को सुरक्षित रखा जा सके और एक भी दाना खराब न हो।
गत वर्ष मंडियों में हुई फसलों की खरीद के आंकड़े
उन्होंने बताया कि निगम द्वारा गत वर्ष प्रदेश की 86 मंडियों के माध्यम से 10.32 लाख टन धान की एमएसपी पर खरीद की गई थी। इसके अलावा पिछले सालों में बाजरा एवं गेहूं की भी खरीद की गई है। वर्तमान में 124 स्थलों पर 28.30 लाख एमटी क्षमता के गोदामों में अनाज का भंडारण किया जा रहा है। इसमें 19.15 लाख एमटी निगम के गोदाम तथा 5.45 लाख एमटी प्राइवेट गोदाम शामिल हैं।