हरियाणा में सरकारी भुगतान में देरी पर अब कंपनियों और ठेकेदारों को मिलेगा ब्याज, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिए निर्देश

सरकारी भुगतान में देरी पर अब कंपनियों और ठेकेदारों को ब्याज दिया जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि यदि राज्य सरकार द्वारा देय भुगतान में सरकारी विभाग के स्तर पर अनावश्यक विलंब होता है, तो संबंधित कंपनियों, फर्मों और ठेकेदारों को विलंबित अवधि के लिए ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में वित्त विभाग को एक समुचित योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
विकास परियोजनाओं और कार्यों के भुगतान को लेकर निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न विकास परियोजनाओं एवं कार्यों के लिए कंपनियों, फर्मों तथा ठेकेदारों से सेवाएं और कार्य लिए जाते हैं। ऐसी स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत देय राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करना विभिन्न विभागों की मुख्य जिम्मेदारी है। यदि किसी विभागीय स्तर पर भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक देरी होती है, तो इसका वित्तीय भार संबंधित फर्म या ठेकेदार पर बिल्कुल भी नहीं पड़ना चाहिए।
गुड प्रेक्टिसेज की समीक्षा के दौरान दिए गए आदेश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह महत्वपूर्ण निर्देश सोमवार को विभिन्न विभागों द्वारा अपनाई जा रही गुड प्रेक्टिसेज की समीक्षा करते हुए दिए हैं। उन्होंने कहा कि हमें हरियाणा में भारत ही नहीं बल्कि अन्य विकसित देशों के मानकों के मुकाबले की व्यवस्था तैयार करनी है। प्रदेश में विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना तैयार की जानी है ताकि हरियाणा को अन्य राज्यों की तुलना में पहले ही एक विकसित राज्य बनाया जा सके।
बिलों के भुगतान में विलंब की शिकायतें और नई योजना
विभिन्न विभागों के लिए कार्य करने वाली फर्में व ठेकेदार अक्सर बिलों के भुगतान में विलंब की शिकायत करते हैं। इस तरह की देरी का न केवल विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ता है बल्कि परियोजनाओं के पूरा होने में भी काफी देरी होती है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एक ऐसी योजना तैयार की जाए जिसमें भुगतान में देरी के मामलों की स्पष्ट प्रक्रिया, जिम्मेदारी और ब्याज भुगतान के प्रावधान पूरी तरह से निर्धारित हों। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विभागीय स्तर पर भुगतान संबंधी मामलों का समयबद्ध निपटारा हो सके और किसी भी तरह की अनावश्यक देरी की स्थिति उत्पन्न न हो।
जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी के वेतन से होगी नुकसान की भरपाई
मुख्यमंत्री ने यह भी कड़े निर्देश दिए हैं कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी के स्तर पर अनावश्यक विलंब के कारण भुगतान समय पर नहीं हो पाता है, तो ब्याज की राशि की वसूली सीधे संबंधित जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी से ही की जाएगी। प्रस्तावित योजना में इस सख्त नियम के लिए भी आवश्यक प्रावधान शामिल करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
डिजिटल सिग्नेचर और डॉन्गल के गलत इस्तेमाल पर रोक
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भुगतान की प्रक्रिया में डिजिटल सिग्नेचर व डॉन्गल के गलत इस्तेमाल पर नियंत्रण करना भी बहुत ज्यादा आवश्यक है। उन्होंने साफ कहा कि यदि किसी डॉन्गल का गलत इस्तेमाल होता है, तो वह अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होगा जिसे वह जारी किया गया है। इसके लिए सरकार को हुए किसी भी वित्तीय नुकसान की भरपाई भी संबंधित अधिकारी के वेतन से ही काटी जाएगी।
आयुष्मान योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए सॉफ्टवेयर
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि प्रदेश में आयुष्मान योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए एक ऐसा विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया जाए। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से गलत तरीके से लाभ लेने की कोशिश करने वाले अस्पतालों में एक जरूरी डर पैदा हो सके।