सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने पर डॉक्टरों व स्टाफ को मिलेगा स्पेशल इन्सेंटिव: मुख्यमंत्री नायब सैनी

सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने पर डॉक्टरों व स्टाफ को मिलेगा स्पेशल इन्सेंटिव: मुख्यमंत्री नायब सैनी

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं जिनका उद्देश्य सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना है। इस बैठक से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने पर डॉक्टरों और स्टाफ को मिलेगा स्पेशल इन्सेंटिव
  • डायबिटिक रेटिनोपैथी बीमारी का आयुष्मान योजना के तहत होगा निशुल्क इलाज
  • प्रदेश के सभी सरकारी अस्पताल ऑनलाइन जोड़े जाएंगे और रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी
  • चिकित्सकों, रेडियोलॉजिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट के रिक्त पदों को तुरंत भरने के दिए निर्देश

आयुष्मान और चिरायु योजना के मरीजों को बढ़ावा

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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि आयुष्मान भारत व चिरायु योजना के मरीजों को सरकारी अस्पतालों में इलाज करवाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु स्वास्थ्य विभाग प्रो-एक्टिव होकर कार्य करे। जिन सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ेगी उनके चिकित्सकों, सहायक स्टाफ तथा आयुष्मान मित्रों को स्पेशल इन्सेंटिव यानी विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में कई अहम फैसले लिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत व चिरायु योजना के मरीजों के इलाज की एवज में सरकारी अस्पतालों को जो राशि मिलेगी उसका उपयोग संबंधित अस्पताल में चिकित्सकों व स्टाफ के स्पेशल इन्सेंटिव के लिए किया जाएगा। इस राशि का उपयोग अस्पताल के अपग्रेडेशन, स्वच्छता कार्यों और आयुष्मान मित्रों को प्रोत्साहन देने आदि में भी खर्च किया जाएगा। इस संबंध में प्रस्तुत किए गए स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव का सरकार द्वारा अनुमोदन कर दिया गया है।

निशुल्क इलाज और डायबिटिक रेटिनोपैथी का उपचार

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि निःशुल्क इलाज का दायरा अधिक से अधिक मरीजों तक पहुंचाने के लिए सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के पैकेजों की संख्या बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि आंखों के मरीजों की पुतली खराब होने की बीमारी डायबिटिक रेटिनोपैथी का इलाज भी सभी सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क किया जाएगा। इसे भी सरकारी अस्पतालों के पैकेज में शामिल किया जाए।

उन्होंने कहा कि इस बीमारी का इलाज अब इंजेक्शन के माध्यम से संभव हो गया है जिसे लगाने का खर्च सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों, रेडियोलॉजिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट के रिक्त पदों को तुरंत भरने के निर्देश दिए।

डॉक्टरों की ओपन भर्ती और ऑनलाइन मॉनिटरिंग

उन्होंने कहा कि नियमित भर्ती के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग इन पदों के लिए विदेशों की तर्ज पर ओपन भर्ती भी शुरू करे। इसके अंतर्गत कोई भी इच्छुक स्पेशलिस्ट अपनी मर्जी के स्थान और समय अवधि के लिए सरकारी अस्पतालों में सेवाएं देने की पेशकश कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी अस्पतालों में कार्यरत तथा निजी प्रेक्टिस करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों की सरकारी अस्पतालों में भी सेवाएं ली जा सकती है। जिन्हें प्रतिदिन अथवा प्रति ऑपरेशन के आधार पर भुगतान किया जा सकता है।

इसके साथ ही जो सरकारी चिकित्सक अधिक मरीजों का इलाज कर रहे हैं उन्हें विशेष रूप से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी ताकि वे अधिक लगन के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित हो सकें। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में जरूरत के अनुसार आयुष्मान मित्रों की संख्या बढ़ाने के संबंध में भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिला, उपमंडल स्तरीय अस्पतालों तथा सीएचसी, पीएचसी व सब-सेंटर को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाने का कार्य शीघ्रता से पूरा किया जाए।

अमृत फार्मेसी और सीएमजीजीए की निगरानी

इसके लिए मरीज के पंजीकरण से लेकर उसके सभी प्रकार के टेस्ट, चिकित्सकीय परामर्श और दवाई देने तक के कार्यों को रियल टाइम दर्ज किया जाए। ताकि अस्पतालों की सभी गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सके। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में अमृत फार्मेसी खोलने का कार्य एक नवंबर तक अवश्य पूरा कर लिया जाए।

उन्होंने उन अस्पतालों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के भी निर्देश दिए जहां आयुष्मान भारत व चिरायु योजना के मरीजों के क्लेम औसत से कम आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिला में सीएमजीजीए को अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर निगरानी और उसमें सुधार के सुझाव देने के लिए निर्देशित करने को भी कहा।

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