हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नेचुरल फार्मिंग और वॉटर सिक्योरिटी के लिए मांगा स्पेशल फंडिंग पैकेज

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नेचुरल फार्मिंग और वॉटर सिक्योरिटी के लिए मांगा स्पेशल फंडिंग पैकेज

नई दिल्ली। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि राज्य ने देश के खाद्यान्न भंडार को भरने और भारत को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। मुख्यमंत्री शनिवार को फाइनेंस मिनिस्ट्री द्वारा आयोजित 'फायनेंसिंग इंडियाज जर्नी टुवर्ड्स विकसित भारत' नामक दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। इस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने हरियाणा के लिए एक 'इंटीग्रेटेड नेचुरल फार्मिंग एंड वाटर सिक्योरिटी फंडिंग पैकेज' की मांग की है।

कॉन्फ्रेंस के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि राज्यों और देश की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने पर बहुत ही सार्थक चर्चा हुई है। इसके साथ ही कृषि और एनर्जी सेक्टर को और ज्यादा मजबूत करने की भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। एक प्रेस रिलीज के अनुसार इस कॉन्फ्रेंस में हरियाणा ने एग्रीकल्चर और हॉर्टिकल्चर सेक्टर में किए जा रहे कार्यों को सबके सामने रखा, जबकि अन्य राज्यों ने भी अपने विचार साझा किए।

नेचुरल फार्मिंग और ऑर्गेनिक खेती के आंकड़े

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मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हरियाणा में नेचुरल और ऑर्गेनिक खेती के तहत आने वाले क्षेत्रफल को पिछले साल की तुलना में चार गुना बढ़ाकर 2026-27 तक लगभग 50,000 एकड़ करने की उम्मीद है। इसके साथ ही साल 2030-31 तक इसे बढ़ाकर 1.50 लाख एकड़ करने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। कुरुक्षेत्र में 2,000 एकड़ का नेचुरल फार्मिंग मॉडल क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने मोरनी ब्लॉक को नेचुरल वेजिटेबल कल्टीवेशन के एक मॉडल के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है।

केंद्र सरकार से स्पेशल फाइनेंशियल पैकेज की मांग

सैनी ने कहा कि हरियाणा की विशेष परिस्थितियों और पहलों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार से राज्य के लिए 'इंटीग्रेटेड नेचुरल फार्मिंग एंड वाटर सिक्योरिटी फंडिंग पैकेज' उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। इस प्रस्तावित पैकेज में ग्राउंडवॉटर रिचार्ज, रेनवाटर हार्वेस्टिंग और माइक्रो-इरीगेशन टेक्नोलॉजी के विस्तार के लिए कैपिटल इन्वेस्टमेंट को भी शामिल करने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत उपलब्ध संसाधनों को एक समन्वित वित्तीय ढांचे के तहत लाकर हरियाणा के लिए एक स्पेशल सेंट्रली स्पॉन्सर्ड इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल पैकेज पर विचार करने का भी अनुरोध किया गया है।

मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल और एफपीओ मिशन के फायदे

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा को 'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' पोर्टल से बहुत अधिक लाभ मिला है। किसानों द्वारा फर्टिलाइजर की खरीद को इस पोर्टल के साथ जोड़ दिया गया है, जिससे किसानों की मांग के अनुसार ही फर्टिलाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है। इसके परिणाम स्वरूप केंद्र सरकार के फर्टिलाइजर सब्सिडी में लगभग 900 करोड़ रुपये की भारी बचत हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पूरे देश में एफपीओ इकोसिस्टम को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है और हरियाणा ने हाल ही में इसी दिशा में अपना एफपीओ मिशन लॉन्च किया है।

जलभराव और सौर ऊर्जा पर चर्चा

मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि कॉन्फ्रेंस के दौरान हरियाणा में जलभराव के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया। बढ़ते जल स्तर के कारण राज्य की लगभग 6 लाख एकड़ भूमि जलभराव की समस्या से प्रभावित है और इस संबंध में कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए गए। उन्होंने कहा कि कॉन्फ्रेंस में सोलर और ग्रीन एनर्जी पर भी चर्चा की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए सोलर और ग्रीन एनर्जी के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। उन्होंने पूरी उम्मीद जताई कि इस कॉन्फ्रेंस में लिए गए फैसलों से सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और देश भर के सभी राज्यों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।

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