हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर के निवेशकों को राज्य में निवेश करने का दिया न्यौता

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर के निवेशकों को राज्य में निवेश करने का दिया न्यौता

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर के निवेशकों को राज्य में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया है। यह कार्यक्रम सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन (SBF) द्वारा आयोजित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना था। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को भाग लिया।

  • छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे।
  • सिंगापुर में भारत के राजदूत डॉ. शिल्पक अंबुले भी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे।
  • सिंगापुर के उद्योगपति और विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
  • यह जानकारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई है।

भारत और सिंगापुर के बीच व्यापारिक संबंध

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इस उच्च स्तरीय बैठक का प्राथमिक उद्देश्य भारत और सिंगापुर के बीच आपसी सहयोग और समन्वय को और अधिक मजबूत करना था। इस बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना था। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के व्यापारिक समुदाय को हरियाणा में निवेश के अवसरों की जानकारी दी।

हरियाणा की निवेशक-अनुकूल नीतियां

मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को हरियाणा की निवेशक-अनुकूल नीतियों के बारे में बताया। उन्होंने राज्य की औद्योगिक क्षमता और बुनियादी ढांचे के विकास की जानकारी दी। उन्होंने निवेशकों को मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताया। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के व्यापारिक समुदाय के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे हरियाणा में उपलब्ध निवेश अवसरों का पूरा लाभ उठाएं।

अन्य राज्यों और अधिकारियों के विचार

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने भी अपने राज्य की निवेश क्षमता पर प्रकाश डाला। सिंगापुर में भारत के राजदूत ने दोनों देशों के बीच आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और व्यापार प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।

आर्थिक कूटनीति और भविष्य की संभावनाएं

विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्यक्रम आर्थिक कूटनीति के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण था क्योंकि इसमें दो भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया। सिंगापुर के व्यापारिक समुदाय के साथ भारत और सिंगापुर के बीच व्यापार और निवेश सहयोग को और अधिक मजबूत करने पर चर्चा की गई। सैनी ने उम्मीद जताई कि इस तरह की बातचीत से द्विपक्षीय सहयोग को एक नई दिशा मिलेगी। इससे दोनों देशों के बीच निवेश, व्यापार और तकनीकी सहयोग के लिए नए अवसर विकसित करने में मदद मिलेगी।

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