हरियाणा के सभी विभाग गुड गवर्नेंस और एक्सीलेंस के लिए बेस्ट प्रेक्टिसेस पर दें ध्यान: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न विभागों में कार्य पद्धतियों और नवाचारों को अपनाने पर विशेष जोर दिया है। इससे सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार हो सकता है और बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। इस पहल के तहत सोमवार को उच्च शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी बेस्ट प्रेक्टिसेस और उपलब्धियों पर प्रस्तुतियां दीं।
- मुख्यमंत्री के सामने दी गई प्रस्तुतियों का मुख्य केंद्र संस्थागत उत्कृष्टता, अनुसंधान और नवाचार, डिजिटल तकनीक का प्रभावी उपयोग, नागरिक भागीदारी और प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन था।
- एक विज्ञप्ति के अनुसार इन प्रस्तुतियों में सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने के विभिन्न उपायों पर चर्चा की गई।
मॉडल संस्कृति कॉलेज और उच्च शिक्षा विभाग की पहल
उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग सरकारी कॉलेजों को उत्कृष्टता के संस्थानों में बदलने के लिए राज्य के हर जिले में एक कॉलेज को 'मॉडल संस्कृति कॉलेज' के रूप में विकसित कर रहा है। इस पहल के तहत राज्य भर में 23 सरकारी कॉलेजों की पहचान की गई है। इनका लक्ष्य 2029 तक इन्हें संस्थागत उत्कृष्टता के स्तर पर लाना है।
ये कॉलेज छात्र-केंद्रित शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम, डिजिटल और मिश्रित लर्निंग, उद्योगों के साथ सहयोग, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, विशेषज्ञ व्याख्यान, वर्चुअल लैब, ई-संसाधन, इन्क्यूबेशन सेंटर और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग को बढ़ावा देंगे।
हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड और अनुसंधान गतिविधियां
राज्य में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड की स्थापना की गई है। हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने इस तरह का फंड स्थापित किया है और नीति आयोग ने भी इसकी सराहना की है। इस फंड के तहत अनुसंधान गतिविधियों में लगे संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
वर्ष 2025-26 के लिए इस फंड के लिए 20 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। पिछले साल सहायता चाहने वाले उच्च शिक्षा संस्थानों से 350 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 90 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी।
अनुसंधान के प्रमुख क्षेत्रों में कृषि और ग्रामीण विकास, औद्योगिक नवाचार और उद्यमिता, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, एडटेक, आयुष, योग, जलवायु और जल संरक्षण, कौशल और रोजगार, और समावेशन शामिल हैं। इसके अलावा, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और अनुसंधान उत्कृष्टता के लिए 20 करोड़ रुपये का एक अलग फंड भी प्रदान किया गया है।
छात्रों को पेटेंट प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए, प्रति पेटेंट 50,000 रुपये तक की पंजीकरण फीस की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति का प्रावधान भी किया गया है।
टीचर्स इंडक्शन प्रोग्राम और शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र
सरकारी कॉलेजों में नए नियुक्त सहायक प्राध्यापकों के लिए एक टीचर्स इंडक्शन प्रोग्राम शुरू किया गया है। लगभग 2,000 नए सहायक प्राध्यापकों के लिए पांच दिन का प्रशिक्षण मॉडल तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम में व्यावसायिक नैतिकता, मेंटरिंग, समग्र छात्र विकास, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, भारतीय ज्ञान परंपराएं, गवर्नेंस, उद्योग लिंकेज, अनुसंधान, नवाचार और समावेशी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से शिक्षक प्रशिक्षण बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य में कम से कम चार शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएं और हर शिक्षक को नियुक्ति के बाद और शिक्षण कार्य शुरू करने से पहले प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहिए。