हरियाणा बाल अधिकार आयोग की चेयरपर्सन तृप्ति हरिपाल श्योराण ने गुरुग्राम में स्कूल, रेलवे स्टेशन और भोंडसी जेल का किया दौरा

हरियाणा बाल अधिकार आयोग की चेयरपर्सन तृप्ति हरिपाल श्योराण ने गुरुग्राम में स्कूल, रेलवे स्टेशन और भोंडसी जेल का किया दौरा

हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन तृप्ति हरिपाल श्योराण ने अपने गुरुग्राम दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा किया। उन्होंने सेक्टर-89 स्थित जीएवी इंटरनेशनल स्कूल, गुरुग्राम रेलवे स्टेशन और भोंडसी जिला जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली।

जीएवी इंटरनेशनल स्कूल में पॉक्सो अधिनियम पर जागरूकता कार्यक्रम

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सेक्टर-89 स्थित जीएवी इंटरनेशनल स्कूल में पॉक्सो अधिनियम को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में डीईओ कैप्टन इंदु बोकन, सीडीपीओ मुनीश कुमारी, जिले के राजकीय उच्च विद्यालयों एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रभारी तथा पॉक्सो नोडल प्रभारी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को विस्तार से समझाया गया। इसमें बच्चों के साथ होने वाले यौन दुर्व्यवहार, शोषण और उत्पीड़न की पहचान करने के तरीके बताए गए। ऐसे मामलों की अनिवार्य सूचना देने की प्रक्रिया तथा विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की जिम्मेदारियों पर भी विशेष चर्चा की गई। प्रतिभागियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बच्चों से संबंधित किसी भी शिकायत को पूरी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। बच्चों की बात हमेशा ध्यानपूर्वक सुनी जानी चाहिए और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील एवं बच्चों के अनुकूल तरीके से कार्रवाई की जानी चाहिए।

शिकायत मिलने पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की जानकारी

प्रस्तुति के दौरान यह भी बताया गया कि शिकायत मिलने पर कौन सी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। बच्चों की पहचान और मामले से जुड़ी जानकारी की गोपनीयता पूरी तरह से बनाए रखने के निर्देश दिए गए। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस और विशेष किशोर पुलिस इकाई के साथ समन्वय करने की बात कही गई। बच्चों को हरसंभव आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने से जुड़े पहलुओं की भी पूरी जानकारी दी गई। विद्यालय परिसर में एक सुरक्षित वातावरण तैयार करने और बच्चों को अपनी समस्याएं बिना किसी डर के साझा करने के लिए सहज माहौल देने पर जोर दिया गया। किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार की स्थिति में समय पर उचित कदम उठाने के महत्व को भी विस्तार से समझाया गया। इसके अलावा आयोग की टीम ने सेक्टर-64 स्थित तुलसी हेल्थकेयर और सेक्टर-37सी स्थित रिशिकुलम गुरुकुल विद्यापीठ का भी दौरा किया।

गुरुग्राम रेलवे स्टेशन पर बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा

इसके बाद आयोग की चेयरपर्सन ने गुरुग्राम रेलवे स्टेशन का दौरा किया। यहां उन्होंने बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की गहरी समीक्षा की। रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थान पर अकेले या किसी परेशानी की स्थिति में मिलने वाले बच्चों की पहचान की प्रक्रिया को समझा गया। ऐसे बच्चों की सुरक्षा से संबंधित पूरी प्रक्रिया के बारे में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की गई। बच्चों को आवश्यकता के अनुसार सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्हें संबंधित बाल संरक्षण इकाइयों तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। ऐसे मामलों में विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी पूरी जानकारी ली गई। आयोग की टीम ने बच्चों के संरक्षण से जुड़े प्रबंधों और उपलब्ध सहायता व्यवस्था के संबंध में संबंधित अधिकारियों से पूरी जानकारी प्राप्त की।

भोंडसी जिला जेल का दौरा और बच्चों की सुविधाओं की समीक्षा

रेलवे स्टेशन के बाद तृप्ति हरिपाल श्योराण ने भोंडसी जिला जेल का दौरा किया। यहां उन्होंने अपनी माताओं के साथ रह रहे बच्चों से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, परिवार से संपर्क और सुरक्षा संबंधी सुविधाओं के बारे में जेल प्रशासन से पूरी जानकारी ली गई। जेल में बच्चों के रहने के लिए उपलब्ध व्यवस्था की जांच की गई। उनकी दैनिक आवश्यकताओं, स्वास्थ्य संबंधी देखभाल और शिक्षा की व्यवस्था के बारे में भी पूरी जानकारी प्राप्त की गई। बच्चों के अपनी माताओं के साथ संपर्क और उनके संरक्षण से जुड़े पहलुओं की भी गहराई से समीक्षा की गई। बच्चों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए गए। उनकी सभी जरूरतों का विशेष ध्यान रखने से संबंधित व्यवस्थाओं के बारे में भी पूरी जानकारी ली गई। अपने दो दिवसीय गुरुग्राम दौरे के दौरान आयोग की टीम ने बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े विभिन्न स्थानों का दौरा किया और संबंधित अधिकारियों से सभी व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी प्राप्त की।

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