हरियाणा के किसानों को मिलेगा बाजरे का 2900 रुपये प्रति क्विंटल भाव, सीएम नायब सैनी ने दिए कड़े निर्देश

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में घोषणा की है कि हरियाणा के किसानों को भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत बाजरे के लिए प्रति क्विंटल 2,900 रुपये का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। पड़ोसी राज्यों से कम दाम का बाजरा लाकर हरियाणा में बेचने वालों पर अब पूरी तरह से सख्ती बरती जाएगी और ऐसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गड़बड़ी में शामिल किसी भी राइस मिलर का रजिस्ट्रेशन सरकार द्वारा नहीं किया जाएगा।
चंडीगढ़ में 25 सितंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बाजरा और धान खरीद से जुड़ी एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अन्य राज्यों से बाजरा लाकर हरियाणा में बेचने की कोशिशों पर पूरी तरह से सख्ती से लगाम लगाई जाए। इस बैठक में 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल के तहत एरिया वेरीफिकेशन, राइस मिलर्स का पंजीकरण, मंडियों में बाजरा और धान खरीद के लिए जरूरी प्रबंध और जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त खरीद केंद्र बनाने को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर बैठक में खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्यमंत्री राजेश नागर और मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बड़खलसा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
पिछले साल की तुलना में इस साल बाजार के दाम और सरकार की योजना
अधिकारियों ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्ष बाजरा खरीद के लिए सरकार ने पहले 2,150 रुपये और बाद में 2,200 रुपये की दरें तय की थीं। सरकार और आढ़तियों के खरीद मूल्य तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी (2,900 रुपये) के बीच के अंतर की भरपाई सरकार की ओर से अलग से की गई थी। इस साल खुले बाजार में बाजरा 2,235 रुपये प्रति क्विंटल की औसत दर पर बिक रहा है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य और भावांतर भरपाई योजना की पूरी जानकारी
इस स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार यह पूरी तरह सुनिश्चित करेगी कि हरियाणा के किसानों को बाजरे के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,900 रुपये प्रति क्विंटल मिले। इस बार सरकार की ओर से 2,300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीदा जाएगा। यदि किसानों को खुले बाजार में इससे भी अधिक भाव मिलता है, तो उसके बिक्री मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी 2,900 रुपये के बीच के अंतर की भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी।
पड़ोसी राज्यों से आने वाले बाजरे पर होगी कड़ी नजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य पड़ोसी राज्यों में बाजरा हरियाणा के मुकाबले बहुत कम मूल्य पर बिकता है, इसलिए पड़ोसी राज्यों से हरियाणा में लाकर बाजरा बेचने के अवैध प्रयासों से बहुत सख्ती से निपटा जाएगा। पड़ोसी राज्यों की सीमा पर जिला प्रशासन और पुलिस की मदद से यह पूरी तरह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी हाल में अन्य राज्यों का बाजरा हरियाणा की सीमा के अंदर न आने पाए। बाजरा खरीद और भावांतर भरपाई का पूरा कार्य 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल में दर्ज रिकॉर्ड और जारी किए गए जे-फॉर्म के आधार पर ही सुनिश्चित किया जाएगा।
राइस मिलर्स के पंजीकरण और मंडियों की व्यवस्था पर निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में राइस मिलर्स का अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन किया जाए। पूर्व के समय में जो राइस मिलर्स किसी भी प्रकार की गड़बड़ियों में संलिप्त पाए गए हैं, उनका रजिस्ट्रेशन सरकार द्वारा बिल्कुल नहीं किया जाएगा। जिन जिलों में कम राइस मिलर्स पंजीकृत होंगे, उन जिलों का धान दूसरे जिलों के राइस मिलर्स को आवंटित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आवश्यकता पड़ने पर अन्य राज्यों के राइस मिलर्स के रजिस्ट्रेशन की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अंत में यह भी कहा कि बाजरा और धान की खरीद के लिए मंडियों में सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते ही पूरे कर लिए जाएं ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। सभी अनाज मंडियों में कैमरे लगाने, जियो फेंसिंग करवाने, जरूरत के अनुसार अतिरिक्त खरीद केंद्र स्थापित करने और किसानों को दी जाने वाली सभी सुविधाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए।