हरियाणा एटीएस ने अंतरराष्ट्रीय नार्को टेरर नेटवर्क का किया भंडाफोड़, सात आरोपित गिरफ्तार

हरियाणा एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेररिज्म नेटवर्क से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले का खुलासा किया है। एटीएस ने इस मामले में कुल सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
शुरुआत में 13 सितंबर की अलसुबह पंचकूला के सेक्टर-11 स्थित अलिफ लैला क्लब में फायरिंग की घटना सामने आई थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। इस फायरिंग की घटना में एक युवती घायल हुई थी, जिसका तुरंत उपचार कराया गया।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि पांच युवक दो अलग-अलग गाड़ियों में सवार होकर क्लब पहुंचे थे। क्लब में शराब पीने के दौरान किसी बात को लेकर उनका आपस में विवाद हो गया था। विवाद के बाद एक आरोपित ने अपनी गाड़ी से पिस्तौल निकाली और दो राउंड फायर कर दिए। गोली चलने से एक युवती घायल हो गई, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
गिरफ्तारियां और बरामद सामान
पुलिस अधीक्षक (एसपी) वरुण सिंगला ने मुख्यालय में जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अब तक कुल सात आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना के समय तीन आरोपितों को मौके से ही काबू कर लिया गया था। इसके अलावा एक अन्य आरोपित को एसएएस नगर से और तीन आरोपितों को लुधियाना से गिरफ्तार किया गया है।
आरोपितों के कब्जे और निशानदेही पर भारी मात्रा में सामान बरामद हुआ है। पुलिस ने एक एक्सयूवी गाड़ी, एक स्कॉर्पियो गाड़ी, एक मोटरसाइकिल, एक यूएस निर्मित पिस्टल, एक 30 बोर पिस्टल, 3 कैश काउंटिंग मशीन, 5 मोबाइल फोन, 12 जिंदा राउंड और 529 ग्राम चिट्टा हेरोइन बरामद की है। हरियाणा में एटीएस के गठन के बाद यह पहला बड़ा मामला सुलझाया गया है।
अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर नेटवर्क का खुलासा
पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान आरोपितों के अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर नेटवर्क से जुड़े होने के महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए हैं। जांच में यह बात स्पष्ट हुई कि इस नेटवर्क के कुछ मुख्य हैंडलर विदेश में, विशेषकर अमेरिका में बैठे हैं। ये विदेशी हैंडलर आरोपितों को रहने के लिए जगह, वाहन और रुपए उपलब्ध करवाते हैं।
इसके बाद आरोपित इन हथियारों, नशीले पदार्थों और ड्रग मनी को हैंडलर द्वारा दी गई लोकेशन पर तस्करी करके पहुंचाते थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड को स्थानांतरित की गई थी। तकनीकी जांच के आधार पर फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपित को 15 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।
ड्रोन से आने वाली नारको और हथियारों की खेप
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपित की निशानदेही पर एक सुनसान स्थान पर अपनी मोटरसाइकिल में छिपाकर रखी गई 529 ग्राम चिट्टा हेरोइन की खेप बरामद की गई। इसके अलावा आरोपित के अड्डे की तलाशी के दौरान एक 30 बोर पिस्टल, 3 लाइव राउंड और कैश काउंटिंग मशीन भी बरामद की गईं। बरामद मादक पदार्थ के संबंध में एटीएस द्वारा अलग से मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एसपी वरुण सिंगला ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपित एक अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे। यह पूरा नेटवर्क सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से पहुंचने वाली मादक पदार्थों की खेप, हथियारों तथा अन्य आपत्तिजनक सामग्री को निर्धारित ठिकानों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय हैंडलरों का इस्तेमाल करता था। नेटवर्क से जुड़े लोगों को इसके लिए वाहन और भारी धनराशि उपलब्ध कराई जाती थी।
वर्तमान में एटीएस द्वारा इस पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन, फाइनेंशियल ट्रेल, हथियारों व मादक पदार्थों के स्रोत की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस विदेशों में बैठे हैंडलरों से इनके संपर्क की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही आरोपितों के मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है।