हरियाणा में भ्रष्ट अधिकारियों पर एसीबी का शिकंजा, 190 कर्मचारियों की सूची तैयार

हरियाणा में भ्रष्ट अधिकारियों पर एसीबी का शिकंजा, 190 कर्मचारियों की सूची तैयार

एंटी क्रप्शन ब्यूरो के निशाने पर अधिकारी आ गए हैं। 190 भ्रष्टाचारियों की सूची तैयार कर ली गई है। रिश्वत लेते पकड़े गए अधिकारियों को अब दोबारा उसी जिले में पोस्टिंग नहीं मिलेगी। यह बड़ा फैसला लिया गया है ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके।

चंडीगढ़ में दी गई जानकारी

चंडीगढ़ में 18 सितंबर को यह जानकारी सामने आई है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी एसीबी प्रमुख अरशिंदर सिंह चावला ने यह बात बताई है। उन्होंने कहा कि रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए अधिकारियों और कर्मचारियों को भविष्य में उसी जिले में दोबारा पोस्टिंग नहीं दी जाएगी। इस संबंध में सभी संबंधित सरकारी विभागों को पत्र लिखा गया है। यह निर्णय एसीबी की हाई पावर कमेटी में विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। इस नियम को जल्द ही लागू किया जाएगा।

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दोबारा पोस्टिंग से पड़ता है बुरा असर

चावला ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में जारी जानकारी में बताया कि कई बार ऐसा देखने में आया है। किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई होती है। इसके कुछ समय पश्चात उसकी दोबारा उसी जिले में पोस्टिंग हो जाती है। इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के उद्देश्य पर असर पड़ता है। साथ ही इससे आमजन के विश्वास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी विषय को गंभीरता से लिया गया है। एसीबी की हाई पावर कमेटी में इस मुद्दे पर चर्चा की गई है। इसके बाद सरकार के समक्ष आवश्यक कार्रवाई का प्रस्ताव रखा गया है। अब सभी सरकारी विभागों को पत्र भेजा गया है। ऐसे मामलों में उसी जिले में दोबारा पोस्टिंग से बचने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।

वर्ष 2026 में अब तक 138 सफल ट्रैप

एसीबी प्रमुख ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक 138 सफल ट्रैप कार्रवाई की जा चुकी हैं। इन छापों में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई एक संकेत है। इससे साफ पता चलता है कि आमजन अब भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे आ रहा है। इससे एसीबी की कार्रवाई और व्यवस्था पर लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है।

अधिकारियों को हो रही है कठोर सजा

एसीबी प्रमुख ने बताया कि 1 जनवरी 2026 से अब तक 21 मामलों में कार्रवाई हुई है। इन मामलों में 23 अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न न्यायालयों द्वारा कठोर सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहती है। एसीबी द्वारा मामलों को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

190 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची

चावला ने बताया कि एसीबी द्वारा प्रदेश में 190 अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार की गई है। इन अधिकारियों और कर्मचारियों के संबंध में लगातार भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें या इनपुट सामने आए हैं। ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के संबंध में उपलब्ध सूचनाओं का विश्लेषण किया जा रहा है। उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि एसीबी का उद्देश्य केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करना नहीं है। एसीबी प्राप्त सूचनाओं और शिकायतों के विश्लेषण के आधार पर काम कर रही है। इससे भ्रष्टाचार के संभावित स्रोतों की पहचान की जा रही है और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

भ्रष्टाचार के हॉटस्पॉट की पहचान

चावला ने बताया कि एसीबी द्वारा विभिन्न विभागों से प्राप्त शिकायतों का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि किन विभागों, कार्यालयों और क्षेत्रों से भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें अधिक प्राप्त हो रही हैं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कौन से क्षेत्र भ्रष्टाचार के हॉटस्पॉट के रूप में सामने आ रहे हैं।

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