हांसी के सोरखी गांव के मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने एशियन गेम्स में जीता कांस्य पदक

राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित सोरखी गांव के अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने पुरुषों के 90 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया है। नरेंद्र की इस उपलब्धि से सोरखी गांव सहित हांसी क्षेत्र में खुशी का माहौल है। खास बात यह है कि यह एशियन गेम्स में नरेंद्र का लगातार दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने 2023 में हांगझोउ में आयोजित एशियन गेम्स में भी कांस्य पदक जीता था।
क्वार्टर फाइनल में शानदार जीत
नरेंद्र ने इस बार एशियन गेम्स के 90 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में सीधे क्वार्टर फाइनल से अभियान शुरू किया। मुकाबले में उन्होंने थाईलैंड के मुक्केबाज अदथापोंग सेंगतेप के खिलाफ दमदार प्रदर्शन किया। नरेंद्र ने मुकाबले के पहले ही राउंड में 1 मिनट 37 सेकेंड के भीतर आरएससी के जरिए जीत दर्ज की। इस जीत के साथ उन्होंने सेमीफाइनल में प्रवेश किया और भारत के लिए एक और पदक पक्का कर लिया।
सेमीफाइनल में विश्व चैंपियन से मुकाबला
सेमीफाइनल में नरेंद्र का सामना कजाकिस्तान के विश्व चैंपियन ऐबेक ओरलबे से हुआ। दोनों मुक्केबाजों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। हालांकि ओरलबे ने 5-0 के फैसले से मुकाबला अपने नाम कर लिया। सेमीफाइनल में हार के बावजूद नरेंद्र ने कांस्य पदक हासिल किया। इस प्रकार उन्होंने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार देश का गौरव बढ़ाया है।
राष्ट्रमंडल खेलों में भी जीता था रजत पदक
नरेंद्र बेरवाल के लिए यह साल उपलब्धियों से भरा रहा है। इससे पहले उन्होंने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों के 90 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में रजत पदक जीता था। अब एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी निरंतरता साबित कर दी है। उनकी लगातार सफलताओं से सोरखी गांव के खेल प्रेमियों और ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।