गुरुग्राम में मंदिर और मूर्तियों को तोड़े जाने पर भड़के डॉ. सुरेंद्र जैन, कहा- बाबर और गजनी भी होंगे शर्मिंदा

विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुग्राम के सेक्टर-50 में तोड़े गए प्राचीन बाबा बालक नाथ मंदिर स्थल का दौरा किया है। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने किया। उनके साथ इस दौरे पर हरियाणा प्रांत मंत्री यशवंत शेखावत, विभाग मंत्री देवेंद्र और गुरुग्राम जिला पालक एवं सह-सेवा प्रमुख अजीत सिंह भी मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और वहां मौजूद संतों व स्थानीय लोगों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्हें यह बताया गया कि 11 सितंबर की रात को करीब 02:30 बजे एक कार्रवाई की गई थी। इस कार्रवाई के दौरान प्राचीन मंदिर को भारी क्षति पहुंचाई गई थी। मूर्तियों को तोड़ा गया था और मंदिर परिसर में मौजूद गोवंश को भी वहां से जबरन ले जाया गया था।
डॉ. सुरेंद्र जैन ने की सब कुछ पहले जैसा बनाने की मांग
मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. सुरेंद्र जैन ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह बाबा बालक नाथ जी की समाधि, मंदिर और चालीस मूर्तियों को इतनी बर्बरता से ध्वस्त किया गया है, उसे देखकर गजनी और बाबर भी शर्मिंदा होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि रामभक्त सरकार के राज्य में इस प्रकार की घटना होना बेहद चिंताजनक है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
डॉ. जैन ने प्रशासन के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने मांग की कि मंदिर में तीन समाधियां थीं, जिनमें से दो को तोड़ दिया गया है, उन्हें फिर से बनवाया जाए। तोड़ी गई मूर्तियों की पुनः प्राण-प्रतिष्ठा कर स्थापना की जाए और खंडित मूर्तियों को वापस किया जाए ताकि उनका विधिवत विसर्जन किया जा सके। इसके अलावा, जिन संतों और स्थानीय लोगों पर झूठे केस दर्ज किए गए हैं, उन्हें तुरंत खत्म किया जाए।
गोवंश को ले जाने पर जताई कड़ी आपत्ति
डॉ. सुरेंद्र जैन ने गोवंश को वहां से ले जाने पर गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि गोवंश को बर्बरता से ले जाया जाना हरियाणा गौ-संरक्षण कानून का खुला उल्लंघन है। उन्होंने मांग की कि दोषी अधिकारियों पर काऊ स्लॉटर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए और गोवंश को वापस लाकर यहीं पर उचित व्यवस्था की जाए।
डॉ. जैन ने बताया कि यह मंदिर की जमीन पंचायत द्वारा दी गई थी। गांव और समाज के लोगों ने अपने खुद के पैसों से मंदिर की चहारदीवारी और मंदिर का निर्माण कराया था। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रशासन अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों, सेक्टरों में बनी आठ अवैध मजारों, शीतला कॉलोनी में अवैध मस्जिद और कब्रिस्तान को नहीं हटाता है, लेकिन जनता के सहयोग से बने पूरी तरह वैध मंदिर को तोड़ दिया जाता है।
भू-माफिया के इशारे पर कार्रवाई का लगाया आरोप
डॉ. जैन ने आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है कि गुरुग्राम का संचालन भू-माफिया ही कर रहा है। यह पूरी कार्रवाई भू-माफियाओं के इशारे पर की गई है। उन्होंने कहा कि आज गुरुग्राम में न तो कोई तालाब बचा है और न ही गौ-चारण के लिए कोई भूमि बची है। यह गुरु द्रोण और मां शीतला की पवित्र धरती है, और इस तरह के कृत्य को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विश्व हिंदू परिषद ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। विहिप ने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे साधु-संतों के साथ मिलकर सड़क पर उतरेंगे और एक बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले में तुरंत और सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।