गुुरुग्राम: एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर लौटी सुचिका तरियाल का भव्य स्वागत और सम्मान

खेल नीतियों की वजह से हरियाणा की प्रतिभाएं आज विश्व पटल पर अपनी एक अलग पहचान बना रही हैं। जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियन गेम्स-2026 के दौरान मिक्स्ड मार्शल आट्र्स यानी एमएमए की महिला 60 किलोग्राम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर लौटी सुचिका तरियाल का शुक्रवार को स्वागत और सम्मान किया गया। भारत के लिए इस खेल में पहला एशियन गेम्स पदक हासिल करने वाली गुरुग्राम खेल विभाग की जूनियर प्रशिक्षक सुचिका का नेहरू स्टेडियम में अधिकारियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया।
विधायक मुकेश शर्मा ने की सुचिका की सराहना
आयोजित सम्मान समारोह के दौरान गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा ने सुचिका तरियाल को सम्मानित किया। उन्होंने इस उपलब्धि को देश और प्रदेश दोनों के लिए गौरव का विषय बताया। विधायक ने कहा कि सुचिका ने अपनी कड़ी मेहनत, पूरी लगन, कड़े अनुशासन और संघर्ष के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव काफी ज्यादा बढ़ाया है। उनका यह पदक विशेष रूप से इसलिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि एमएमए खेल में यह भारत का एशियन गेम्स का सबसे पहला पदक है।
सफलता के लिए कठिन परिश्रम है जरूरी
विधायक मुकेश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि खेल के मैदान में सफलता कभी भी केवल प्रतिभा के बल पर नहीं मिलती है। इस सफलता के पीछे वर्षों की कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों से लड़ने का मजबूत जज्बा होता है। सुचिका तरियाल ने अपनी इस बड़ी उपलब्धि से यह बात पूरी तरह साबित कर दी है कि यदि खिलाड़ी का लक्ष्य एकदम स्पष्ट हो और मेहनत पूरी ईमानदारी से की जाए तो गुरुग्राम और हरियाणा के सभी युवा दुनिया के सबसे बड़े खेल मंचों पर भी अपने देश का नाम पूरी शान से रोशन कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सुचिका की यह शानदार सफलता गुरुग्राम के बाकी सभी खिलाड़ियों के लिए भी एक बहुत बड़ी प्रेरणा का मुख्य स्रोत बनेगी।
हरियाणा सरकार की खेल नीतियां
मुकेश शर्मा ने आगे कहा कि हरियाणा सरकार ने खेल और सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार नई सुविधाओं और खेल के मजबूत ढांचे को आगे बढ़ाने की दिशा में बहुत काम किया है। माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार द्वारा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं, प्रोत्साहन और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की वर्तमान खेल नीति का मुख्य उद्देश्य केवल पदक जीतने वाले खिलाड़ियों तक ही सीमित नहीं रहना है, बल्कि गांव और शहरों के कोने-कोने में छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को सही समय पर पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का पूरा अवसर प्रदान करना भी है।
कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रमुख अधिकारी
उन्होंने अंत में कहा कि सुचिका तरियाल जैसी तमाम उपलब्धियां इस बात का सबसे बड़ा जीवंत उदाहरण हैं कि हरियाणा की प्रतिभाओं को यदि सही समय पर सही अवसर और बेहतरीन सुविधाएं मिल जाएं तो वे देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर सकती हैं। इस सम्मान समारोह के दौरान जिला खेल अधिकारी आरती कोहली सहित खेल विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी, खेल प्रशिक्षक, प्रतिभाशाली खिलाड़ी और क्षेत्र के अन्य कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।