सर्वाधिक श्रम कल्याण अंशदान मिलने के बावजूद हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड में गुरुग्राम का प्रतिनिधित्व नहीं

हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड के चेयरमैन रोहतास जांगड़ा की अध्यक्षता में गुरुवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में श्रम कल्याण से जुड़े विषयों, बोर्ड की योजनाओं तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। इस बैठक में गुरुग्राम के विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी शामिल हुए। हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड के चेयरमैन के समक्ष यह प्रमुख मुद्दा उठाया गया। बैठक के दौरान उद्योगों और श्रम विभाग में बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।
श्रमिक कल्याण सरकार, उद्योग और श्रमिकों की साझा जिम्मेदारी
बैठक में रोहतास जांगड़ा ने स्पष्ट रूप से कहा कि श्रमिक कल्याण सरकार, उद्योग और श्रमिकों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जो औद्योगिक क्षेत्र अभी अधिकृत नहीं हैं, वहां संचालित उद्योगों के श्रमिकों को भी श्रम कल्याण बोर्ड के अंशदाता के रूप में पंजीकृत कराने का प्रयास किया जाना चाहिए। ऐसा करने से अधिक से अधिक श्रमिक बोर्ड की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
जागरूकता शिविर आयोजित करने और औद्योगिक क्षेत्रों पर जोर
रोहतास जांगड़ा ने कहा कि श्रम कल्याण विभाग द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों में जाकर जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों के माध्यम से श्रमिकों और नियोक्ताओं को बोर्ड की विभिन्न योजनाओं, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने इस अभियान में औद्योगिक संगठनों से भी पूर्ण सहयोग की अपील की है।
बोर्ड में गुरुग्राम का प्रतिनिधित्व न होने का उठा मुद्दा
बैठक के दौरान एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया कि प्रदेश में श्रम कल्याण बोर्ड को सबसे अधिक श्रम कल्याण अंशदान गुरुग्राम के औद्योगिक क्षेत्र से प्राप्त होता है। इसके बावजूद बोर्ड में गुरुग्राम जिले से वर्तमान में कोई भी सदस्य मनोनीत नहीं किया गया है। औद्योगिक प्रतिनिधियों ने गुरुग्राम के इस बड़े योगदान को देखते हुए बोर्ड में जिले को उचित प्रतिनिधित्व दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अंशदान अधिक लेकिन योजनाओं का लाभ कम
एडिशनल लेबर कमिश्नर कुशल कटारिया ने भी इस बात को कहा कि गुरुग्राम से बोर्ड को सबसे अधिक अंशदान प्राप्त होता है। लेकिन इसके अनुपात में गुरुग्राम के श्रमिकों द्वारा बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बहुत कम लिया जा रहा है।
चेयरमैन को सौंपे गए सुझाव पत्र
कार्यक्रम के दौरान लेबर लॉ एडवाइजर्स एसोसिएशन गुरुग्राम के अध्यक्ष आर.एल. शर्मा तथा प्रोग्रेसिव फैडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन दीपक मैनी द्वारा सुझाव दिए गए। इन दोनों ने श्रमिक कल्याण योजनाओं और बोर्ड की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने से संबंधित अपने-अपने अलग-अलग सुझाव पत्र चेयरमैन रोहतास जांगड़ा को सौंपे। आर.एल. शर्मा ने श्रमिक कल्याण योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार और आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपनी बात रखी।