गुरुग्राम में नर्सिंग ऑफिसर्स का विरोध, मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को बताया टॉर्चर ट्रांसफर पॉलिसी

गुरुग्राम में नर्सिंग ऑफिसर्स का विरोध, मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को बताया टॉर्चर ट्रांसफर पॉलिसी

हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ नर्सिंग ऑफिसर्स का गुस्सा और विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुग्राम में नर्सिंग ऑफिसर्स का काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रदर्शन गुरुवार को दूसरे दिन भी लगातार जारी रहा। ## नागरिक अस्पतालों में काला बिल्ला लगाकर किया काम

नागरिक अस्पताल सेक्टर-10 समेत सभी पीएचसी और सीएचसी में तैनात नर्सिंग ऑफिसर्स ने सुबह की शिफ्ट से लेकर रात की ड्यूटी तक काले बिल्ले लगाकर काम किया। इस दौरान सभी नर्सिंग ऑफिसर्स ने सरकार के खिलाफ अपनी कड़ी नाराजगी जताई है। नर्सिंग ऑफिसर्स का साफ कहना है कि यह मॉडल ट्रांसफर पॉलिसी नहीं है, बल्कि यह एक टॉर्चर ट्रांसफर पॉलिसी है। नर्सिंग ऑफिसर्स की मांग है कि इस पॉलिसी को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाना चाहिए। नर्सिंग ऑफिसर्स ने बताया कि बुधवार को पहले दिन भी गुरुग्राम समेत पूरे हरियाणा प्रदेश में सभी नर्सिंग ऑफिसर्स ने एकजुटता दिखाई थी। सभी ने काले बिल्ले लगाकर अपनी ड्यूटी पूरी की थी और दूसरे दिन यानी गुरुवार को भी यही विरोध का क्रम लगातार जारी रहा। नर्सिंग ऑफिसर्स ने सरकार को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो यह विरोध प्रदर्शन और भी ज्यादा तेज किया जाएगा।

क्या है नर्सिंग ऑफिसर्स की मुख्य आपत्ति

नर्सिंग ऑफिसर्स का गंभीर आरोप है कि सरकार द्वारा लागू की गई मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी पूरी तरह से अव्यवहारिक है। इस नई पॉलिसी के तहत महिला स्टाफ को उनके गृह जिले से 100 से 200 किलोमीटर दूर भेजा जाएगा। इस व्यवस्था के कारण उनके परिवार और बच्चों की परवरिश पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। ट्रांसफर की इस प्रक्रिया में सीनियोरिटी और मेरिट को पूरी तरह से दरकिनार किया जा रहा है। नर्सिंग ऑफिसर्स का कहना है कि मनमाने तरीके से किए जाने वाले इन ट्रांसफर्स से अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक चरमरा जाएगी। इस व्यवस्था का सीधा और बुरा असर अंत में मरीजों पर पड़ेगा। गुरुग्राम से सभी नर्सिंग ऑफिसर्स ने एकजुट होकर यह स्पष्ट किया है कि नर्सिंग एक बहुत ही महत्वपूर्ण इमरजेंसी सेवा है। वे किसी भी मरीज को परेशान नहीं करना चाहते हैं, इसलिए वे हड़ताल पर न जाकर काले बिल्ले लगाकर अपना शांतिपूर्ण विरोध दर्ज करा रहे हैं। सरकार को उनकी इस बात को उनकी कमजोरी बिल्कुल नहीं समझना चाहिए। अभी तक दो दिन काले बिल्ले लगाकर विरोध किया गया है। आगामी 5, 6 और 7 अक्टूबर 2026 को दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। इस हड़ताल के दौरान भी सभी इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह से चालू रहेंगी ताकि किसी भी मरीज को परेशानी का सामना न करना पड़े। अगर इसके बाद भी सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो प्रदेश स्तर पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। नर्सिंग ऑफिसर्स ने यह भी कहा कि चाहे मेवात कैडर हो या बाकी पूरा हरियाणा, ट्रांसफर पॉलिसी में ट्रांसफर की चॉइस जरूर होनी चाहिए। जो स्टाफ जहां भी जाना चाहे, उसकी ट्रांसफर वहीं पर की जानी चाहिए। जबरदस्ती किए जाने वाले ट्रांसफर किसी भी प्रकार से न्यायसंगत नहीं हैं। यह मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी सीधे तौर पर नर्सिंग कैडर के साथ बड़ा अन्याय है।

AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment