गुरुग्राम: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में नर्सिंग ऑफिसर्स लामबंद, कल से शुरू होगा विरोध प्रदर्शन

प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने के विरोध में नर्सिंग कैडर बुधवार से विरोध जताना शुरू करेगा। इस आंदोलन को लेकर नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के बैनर तले रूपरेखा तैयार की गई है। आंदोलन के पहले दो दिन 30 सितंबर और एक अक्टूबर 2026 को नर्सिंग स्टाफ सभी राजकीय स्वास्थ्य संस्थानों में काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी करेगा। इसके बाद पांच, छह और सात अक्टूबर 2026 को तीनों दिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। इस बाबत मंगलवार को सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में सीएमओ और पीएमओ को नर्सिंग कैडर की ओर से ज्ञापन पत्र सौंपा गया।
क्यों कर रहे हैं नर्सिंग ऑफिसर्स विरोध
नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के बैनर तले दिए गए पत्र में कहा गया है कि पूरे भारत में किसी भी राज्य में नर्सिंग कैडर पर ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं है। शिक्षा विभाग और अन्य विभागों में महिलाएं केवल दिन की ड्यूटी करती हैं, जबकि नर्सिंग स्टाफ रात-दिन ड्यूटी करता है। इसलिए उन पर यह पॉलिसी लागू नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग कैडर में लगभग सभी महिलाएं कार्यरत हैं, जिन पर बुजुर्ग माता-पिता, घर-परिवार, बच्चों की देखभाल, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियां हैं। यदि उन्हें परिवार से दूर ट्रांसफर किया जाएगा तो वे मानसिक तनाव में रहेंगी, जिसका असर उनकी ड्यूटी पर भी पड़ेगा।
महिला सुरक्षा और ड्यूटी की चुनौतियां
पत्र में कहा गया है कि स्वास्थ्य संस्थानों में मॉर्निंग, इवनिंग और नाइट तीन शिफ्ट में ड्यूटी होती है। नर्सिंग स्टाफ ही एकमात्र ऐसा कैडर है जो 24 घंटे अस्पताल में मौजूद रहकर ईमानदारी से ड्यूटी करता है। हरियाणा के कई स्वास्थ्य संस्थान गांव और कस्बों से बाहर सुनसान इलाकों में बने हैं, जहां पहुंचने में महिला स्टाफ को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उनकी सुरक्षा को भी खतरा रहेगा। सरकार मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू करके एक तरह से नर्सिंग कैडर के लिए समस्याएं खड़ी कर रही है।
सरकार से पॉलिसी वापस लेने की मांग
इस पॉलिसी के विरोध में प्रदेश भर के नर्सिंग कैडर ने आंदोलन का फैसला लिया है। सीएमओ, पीएमओ को पत्र सौंपकर नर्सिंग ऑफिसर्स ने कहा कि मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को बिना किसी शर्त के वापस लिया जाना चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा सरकार के लिए सर्वोपरि होनी चाहिए। सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने में नर्सिंग ऑफिसर्स अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए सरकार को ऐसी कोई पॉलिसी लागू नहीं करनी चाहिए, जो नर्सिंग ऑफिसर्स के हित में ना हो。