गुरुग्राम की महिंद्रा ऑरा सोसायटी में ईडब्ल्यूएस और मुख्य टावर के निवासियों के बीच कॉमन सुविधाओं को लेकर विवाद

गुरुग्राम के सेक्टर 110A में स्थित महिंद्रा ऑरा हाउसिंग सोसायटी में कॉमन एरिया के इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। इस विवाद ने इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन यानी ईडब्ल्यूएस (EWS) के निवासियों और मुख्य टावर के Condominiums के मालिकों के बीच सामाजिक दूरियों को उजागर कर दिया है। इस हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में 141 EWS यूनिट्स हैं और साथ ही 799 मुख्य टावर के Condominiums बने हुए हैं। इस सोसायटी में 31 अगस्त को हुई एक घटना के बाद से लगातार तनाव और आपसी खींचतान बढ़ रही है।
घटना वाले दिन 70 साल के EWS निवासी कश्मीर सिंह और उनकी पत्नी मीना रानी को एक कॉमन एरिया से कथित तौर पर बाहर निकाल दिया गया था। मुख्य टावर के कुछ निवासियों का दावा था कि EWS के लोग वहां Trespassing यानी अवैध रूप से प्रवेश कर रहे हैं। इस घटना के तुरंत बाद कश्मीर सिंह ने जिला प्रशासन के पास एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी।
जिला रजिस्ट्रार का EWS निवासियों के पक्ष में फैसला
इस मामले में 15 सितंबर को गुरुग्राम के जिला रजिस्ट्रार ऑफ फर्म्स एंड सोसाइटीज ने EWS निवासियों के पक्ष में अपना फैसला सुनाया। रजिस्ट्रार ने ऑरा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन यानी RWA को यह सख्त निर्देश दिया कि वह EWS के निवासियों की आवाजाही पर लगे सभी प्रतिबंधों को तुरंत प्रभाव से हटाए। रजिस्ट्रार ने यह भी आदेश दिया कि EWS के लोगों को मनोरंजन और सेहत को बनाए रखने के लिए इंटरनल रास्तों और खुले पार्कों तक बिना किसी रोक-टोक के पहुंच दी जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों ने इस संबंध में कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि इन एरिया में रुकावट डालना जारी रखा गया, तो हरियाणा रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन ऑफ सोसाइटीज एक्ट (HRRS Act) के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू की जा सकती है। प्रशासन के इन कड़े निर्देशों के बावजूद ऑरा RWA इस आदेश को लगातार चुनौती दे रही है।
RWA का चंडीगढ़ में अपील करने का निर्णय
RWA के अध्यक्ष एसएस गिल ने बयान देते हुए कहा है कि मुख्य टावर के कई निवासियों का ऐसा मानना है कि उनके Conveyance Deeds में साफ तौर पर यह लिखा है कि EWS के लोग कुछ निश्चित कॉमन सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। RWA ने 20 सितंबर को एक मीटिंग का आयोजन किया था जिसमें यह प्रस्ताव पास किया गया कि वे रजिस्ट्रार के इस आदेश के खिलाफ चंडीगढ़ में अपील करेंगे। RWA इस कानूनी चुनौती का समर्थन जुटाने के लिए वर्तमान में निवासियों से हस्ताक्षर भी करवा रही है।
RWA इस कोशिश में भी लगी है कि जब तक इस मामले की औपचारिक समीक्षा नहीं हो जाती, तब तक इन प्रशासनिक निर्देशों को स्थगित यानी Abeyance में रखा जाए। दूसरी ओर कश्मीर सिंह, जिनकी अपील के कारण प्रशासन को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा, उनका कहना है कि उनकी कार्रवाई का मकसद किसी प्रकार का अधिकार जताना नहीं बल्कि आत्मसम्मान की रक्षा करना था।
निवासियों की अपनी बात और बुनियादी जरूरतें
कश्मीर सिंह ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हम ज्यादा मेंटेनेंस चार्ज देने के बिल्कुल भी खिलाफ नहीं हैं और हम कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं चाहते हैं। सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि इस हाईराइज इमारत में रहने वाले EWS परिवारों के दैनिक जीवन में शेयर किए जाने वाले ग्रीन स्पेसेज तक बुनियादी पैदल पहुंच होना ही मुख्य विवाद का बिंदु बना हुआ है।