हिसार: उद्योग एवं शिक्षण संस्थानों के बीच निरंतर संवाद एवं सहयोग आज की आवश्यकता - विजय कुमार

गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और आईपीएएमए के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य प्रिंटिंग, पैकेजिंग एवं संबंधित मशीन निर्माण के क्षेत्र में शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है।
- गुजिप्रौवि व आईपीएएमए के बीच हुआ समझौता
- विद्यार्थियों को मिलेंगे औद्योगिक प्रशिक्षण के अवसर
- इंटर्नशिप और व्यावहारिक अनुभव में होगी वृद्धि
- तकनीकी शोध और कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा
एमओयू की मुख्य विशेषताएं और हस्ताक्षरकर्ता
हिसार के गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और इंडियन प्रिंटिंग पैकेजिंग एंड एलाइड मशीन मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के बीच यह समझौता हुआ है। इस समझौता ज्ञापन पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कुमार तथा आईपीएएमए के अध्यक्ष कुलजीत सिंह मान ने बुधवार को हस्ताक्षर किए। यह समझौता प्रिंटिंग, पैकेजिंग एवं संबंधित मशीन निर्माण के क्षेत्र में शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण, शोध, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए किया गया है।
उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच संवाद जरूरी
कुलपति प्रो. विजय कुमार ने कहा कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच निरंतर संवाद एवं सहयोग आज की आवश्यकता है। आईपीएएमए के साथ हुआ यह एमओयू विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं को समझने का अवसर देगा। इससे विद्यार्थी आधुनिक तकनीकों के अनुरूप अपने कौशल को विकसित कर सकेंगे। विश्वविद्यालय उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विभाग के लिए नए अवसर
कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने बुधवार को कहा कि यह समझौता प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विभाग के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। आईपीएएमए के साथ सहयोग से विद्यार्थियों को औद्योगिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, तकनीकी कार्यशालाओं और व्यावहारिक अनुभव के अवसर मिलेंगे। साथ ही उद्योग विशेषज्ञों, मशीन निर्माताओं और तकनीकी संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
व्यापक मंच और संयुक्त शोध को बढ़ावा
डीन इंटरनेशनल अफेयर्स प्रो. ओम प्रकाश सांगवान ने कहा कि एमओयू विश्वविद्यालय और प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग उद्योग के बीच सहयोग को व्यापक मंच प्रदान करेगा। इससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को नवीनतम तकनीक, उद्योग विशेषज्ञता और व्यावहारिक ज्ञान से जुड़ने के अवसर मिलेंगे। इसके माध्यम से संयुक्त शोध, तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान और उद्योग-अकादमिक संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।
आधुनिक मशीनरी और व्यावहारिक ज्ञान की आवश्यकता
प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी विभाग की चेयरपर्सन डॉ. वंदना ने कहा कि प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग क्षेत्र में तकनीकी बदलाव तेजी से हो रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को आधुनिक मशीनरी, स्वचालन, डिजिटल प्रिंटिंग और उत्पादन प्रक्रियाओं का व्यावहारिक ज्ञान देना आवश्यक है। आईपीएएमए के साथ एमओयू से विद्यार्थियों और शिक्षकों को उद्योग से सीधे जुड़ने के नए अवसर मिलेंगे।
कुशल मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका
आईपीएएमए अध्यक्ष कुलजीत सिंह मान ने कहा कि प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग उद्योग तेजी से तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग होना आवश्यक है। आईपीएएमए के सचिव प्रशांत वत्स ने कहा कि यह सहयोग उद्योग के लिए कुशल एवं तकनीकी रूप से सक्षम मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस एमओयू के तहत विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, तकनीकी कार्यशालाएं, विशेषज्ञ व्याख्यान, औद्योगिक भ्रमण, संयुक्त शोध परियोजनाएं और ज्ञान-विनिमय कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण गतिविधियों को प्रभावी बनाने में भी पूरा सहयोग किया जाएगा।