हिसार में गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के टैलेंट सर्च कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने दिखाई अपनी प्रतिभा

हिसार में गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के टैलेंट सर्च कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने दिखाई अपनी प्रतिभा

हिसार में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता कार्यालय की ओर से दो दिवसीय टैलेंट सर्च-प्रतिभा खोज कार्यक्रम का सोमवार को भव्य शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवोदित विद्यार्थियों की अंतर्निहित प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें अपनी अभिव्यक्ति का एक बेहतरीन मंच प्रदान करना है।

  • कार्यक्रम का उद्घाटन छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एमके शर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया।
  • इस अवसर पर छात्र कल्याण सह-अधिष्ठाता डॉ. विक्रमजीत सिंह, निदेशक सांस्कृतिक मामले डॉ. तरुणा, अतिरिक्त सह-निदेशक सांस्कृतिक मामले डॉ. गीतू और डीवाईडब्ल्यू अजीत सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे।

शिक्षा और व्यक्तित्व विकास पर जोर

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प्रो. एमके शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं होती है। विद्यार्थी के व्यक्तित्व का वास्तविक विकास उसकी प्रतिभा, रचनात्मकता और अभिरुचियों के विकास से ही संभव होता है। विद्यार्थी की पहचान केवल उसके अकादमिक प्रदर्शन से नहीं बनती है, बल्कि उसकी विशिष्ट प्रतिभा और सृजनात्मक क्षमता से भी उसकी पहचान होती है। सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों को अपनी जड़ों, परंपराओं और समृद्ध विरासत से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम होती हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर प्रतिभा का एक बीज हमेशा मौजूद रहता है। आवश्यकता केवल उस बीज को उचित अवसर और सही मंच देने की होती है। विश्वविद्यालय का यह टैलेंट सर्च कार्यक्रम नवोदित विद्यार्थियों को ऐसा ही एक मंच उपलब्ध करा रहा है, जहां उनकी सृजनात्मक प्रतिभाओं को सही आकार मिल सकता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से यह आह्वान किया कि वे किसी भी प्रकार का संकोच छोड़कर अपनी कला और रचनात्मकता को पूरी ऊर्जा के साथ मंच पर प्रस्तुत करें। इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, संवेदनशीलता और टीम भावना के विकास में भी बहुत सहायक होते हैं।

विभिन्न प्रतियोगिताओं में दिखी प्रतिभा की रंगत

कार्यक्रम के प्रथम दिन विद्यार्थियों ने एलोकेशन, मोनो एक्टिंग, गायन-वादन, पोस्टर मेकिंग और क्ले मॉडलिंग जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं में बहुत उत्साहपूर्वक भाग लिया। एलोकेशन में विद्यार्थियों के विचारों की मुखरता देखने को मिली, तो वहीं मोनो एक्टिंग में अभिनय की गहरी संवेदना दिखाई दी। गायन-वादन में सुरों की साधना और पोस्टर मेकिंग में रंगों की अनूठी कल्पनाशीलता साफ नजर आई। क्ले मॉडलिंग की प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के सृजनात्मक कौशल की एक बहुत ही सुंदर झलक देखने को मिली। इन सभी प्रतियोगिताओं में बाहर से आमंत्रित किए गए अनुभवी निर्णायकों ने सभी प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का बारीकी से मूल्यांकन किया। निदेशक सांस्कृतिक मामले डॉ. तरुणा ने स्वागत की परंपरा का पूरा निर्वहन करते हुए सभी अतिथियों, निर्णायकों और प्रतिभागी विद्यार्थियों का दिल से अभिनंदन किया। इस विशेष अवसर पर सांस्कृतिक कमेटी के सदस्य डॉ. सुनैना, डॉ. साक्षी, डॉ. सोनिका और डॉ. रवींद्र भी वहां उपस्थित रहे।

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