राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसानों ने नेशनल हाईवे जाम किया, मुख्यमंत्री से वार्ता की मांग

विभिन्न मांगों को लेकर राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसानों ने किया नेशनल हाईवे जाम12 अक्टूबर की एसकेएम बैठक से पहले मुख्यमंत्री से वार्ता कराने की मांग
रादौर, 4 अक्टूबर /कुलदीप सैनी/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
गांव औरंगाबाद के समीप नेशनल हाईवे-344 पंचकूला-सहारनपुर मार्ग स्थित रेस्ट एरिया में रविवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की प्रदेश स्तरीय किसान महापंचायत आयोजित की गई। इस महापंचायत में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में किसान अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर पहुंचे थे। कार्यक्रम में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और प्रदेशाध्यक्ष रतनमान विशेष रूप से उपस्थित रहे। महापंचायत की अध्यक्षता भाकियू जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने की। महापंचायत के दौरान किसानों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रशासन के समक्ष ज्ञापन और बातचीत की मांग रखी। मंच से प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचने की घोषणा की गई, लेकिन काफी देर तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे नाराज होकर किसानों ने राकेश टिकैत के नेतृत्व में नेशनल हाईवे-344 पर जाम लगा दिया। हाईवे जाम किए जाने की सूचना मिलने के बाद एसडीएम विश्वनाथ के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की।
राकेश टिकैत ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
पत्रकारों से बातचीत करते हुए राकेश टिकैत ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसान लगातार परेशान हो रहे हैं और अपनी समस्याएं सरकार तक पहुंचाने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धान की सरकारी खरीद शुरू करने की तारीख बार-बार बदली जा रही है। सरकार द्वारा पहले 25 सितंबर और फिर 29 सितंबर से खरीद शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद खरीद व्यवस्था पूरी तरह से सुचारू रूप से चालू नहीं हो पाई है। टिकैत ने आशंका जताई कि सरकारी खरीद में देरी के कारण किसानों को अपनी फसल कम दामों पर व्यापारियों को बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों की प्रमुख मांग धान की सरकारी खरीद को सुचारू रूप से शुरू करना और मंडियों में फसल की उचित खरीद सुनिश्चित करना है।
12 अक्टूबर की एसकेएम बैठक से पहले मुख्यमंत्री से वार्ता कराने की मांग
राकेश टिकैत ने घोषणा करते हुए कहा कि आगामी 12 अक्टूबर को करनाल में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक प्रस्तावित है। इससे पहले हरियाणा सरकार को किसानों की तमाम समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रशासन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ किसानों की बातचीत करवाए और उनकी सभी जायज मांगों का समाधान जल्द से जल्द सुनिश्चित करे। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 12 अक्टूबर से पहले किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो एसकेएम की बैठक में आंदोलन को लेकर कोई कड़ा निर्णय लिया जा सकता है। मौके पर पहुंचे एसडीएम विश्वनाथ ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी जायज मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। एसडीएम ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में क्रॉप मिसमैच (फसल मिलान) के सत्यापन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और सरकारी एजेंसियों ने धान की खरीद शुरू कर दी है। उन्होंने किसानों को पूरा भरोसा दिलाया कि धान के उठान तथा अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा। इस महापंचायत में यादविंदर कंबोज, अरविंद कंबोज, दीपराणा, कुलविंदर सिद्धू, अशोक डांगी, महेंद्र चमरोड़ी, नरेश मोहड़ी, दलबीर कैल, राहुल संधाए, सुभाष शर्मा, साहिल सेतिया, जगतार रानीपर, दिलबाग ताहरपुर, रोहित दामला, पवन गोयल, सुखदेव सिंह टिब्बी, विनोद गुर्जर, धर्मवीर अमलोहा और राजेश चमरोड़ी सहित सैकड़ों किसान मौके पर मौजूद रहे।