फरीदाबाद के बादशाह खान सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान गर्भवती महिला और नवजात बच्चे की मौत

फरीदाबाद के बादशाह खान सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान एक गर्भवती महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना से परिजनों में शोक और आक्रोश का माहौल है। महिला को डिलीवरी के लिए अस्पताल में लाया गया था। पुलिस के मुताबिक बीपी हाई होने के कारण महिला की मौत हुई है। जबकि परिजन अस्पताल के स्टाफ पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम बोर्ड के जरिए कराया जा रहा है। जांच रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने निकलकर आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मृतक महिला की सास ने क्या बताया
मृतक महिला की सास धर्मवती ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि वह सेक्टर 56 में रहते हैं। रीना (उम्र 22 वर्ष) को गत दिवस वह डिलीवरी के लिए बीके अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जहां पर उसको अस्पताल के वार्ड में एडमिट किया गया था। आज उसको अचानक से उल्टियां आनी शुरू हो गई थीं। अस्पताल के स्टाफ ने उसको रेफर कर दिया था, लेकिन किसी ने उसका सही से इलाज नहीं किया। जिसके कारण आखिरकार उसकी मौत हो गई। रीना के पेट में 9 महीने के बच्चे की भी मौत हो गई है।
मृतक महिला के पति का बयान
मृतक महिला के पति अजय ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 2 साल पहले छाता, उत्तर प्रदेश की रहने वाली रीना के साथ उसकी शादी हुई थी। ये उनका पहला बच्चा था जो इस दुनिया में आने से पहले ही खत्म हो गया। अस्पताल में उसकी पत्नी की तबियत लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन कोई भी डॉक्टर उसको देखने के लिए वार्ड में नहीं आया। करीब डेढ़ घंटे तक वह और उनके परिवार वाले डॉक्टर का इंतजार करते रहे लेकिन कोई डॉक्टर नहीं आया।
पुलिस जांच अधिकारी का पक्ष
मामले की जांच कर रहे देवदत्त पुलिस जांच अधिकारी ने इस संबंध में पूरी जानकारी दी है। डॉक्टरों ने अभी तक यह बताया है कि बीपी हाई होने के कारण महिला की मौत हुई है। महिला की मौत के बाद बच्चे की भी पेट में ही मौत हो गई थी। तबीयत बिगड़ने पर महिला को अस्पताल से रेफर कर दिया गया था, लेकिन ससुराल पक्ष के लोग उसको किसी निजी अस्पताल में लेकर नहीं गए, ऐसा लड़की के मायके वालों का आरोप है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।