फरीदाबाद में मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे किसानों को पुलिस ने रोका, बड़ौली में धरना जारी

फरीदाबाद में मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे किसानों को पुलिस ने रोका, बड़ौली में धरना जारी

फरीदाबाद में जमीन अधिग्रहण के मुआवजे और लैंड पूलिंग की मांग को लेकर बड़ौली और प्रह्लादपुर गांव के किसानों का धरना रविवार को भी लगातार जारी रहा। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष धनसिंह कोतवाल, धरना अध्यक्ष वीरपाल गुर्जर और उनके सभी समर्थक अपनी मांगों के सिलसिले में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलने के लिए जा रहे थे। रास्ते में भारी पुलिस बल ने इन सभी किसानों को रोक लिया और पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया।

किसानों का विरोध प्रदर्शन और संघर्ष

इस पूरी कार्रवाई का कड़ा विरोध जताते हुए किसान नेता वीरपाल गुर्जर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आवाज को दबाने का लगातार प्रयास कर रही है। लेकिन जब तक देश के किसानों को उनका पूरा हक नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा और किसान किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। वीरपाल गुर्जर ने मीडिया को जानकारी दी कि बड़ौली और प्रह्लादपुर गांव के किसानों का यह धरना पिछले 309 दिनों से लगातार चल रहा है।

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मुआवजा और लैंड पूलिंग की मांग

आज से करीब 16 वर्ष पहले किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था और इसके लिए 645 रुपये प्रति गज की दर से मुआवजा तय किया गया था। किसानों का साफ कहना है कि मौजूदा बाजार दरों को देखते हुए वे इस पुराने मुआवजे से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। किसानों ने लैंड पूलिंग योजना के तहत समाधान की पेशकश करते हुए यह मांग की है कि उन्हें अधिग्रहित जमीन के बदले उचित जमीन उपलब्ध कराई जाए।

ज्ञापन और पुराने मकानों का मुद्दा

वीरपाल गुर्जर के मुताबिक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को 9 जनवरी 2025 और 8 सितंबर को ज्ञापन देकर किसानों की सभी मांगों से पहले ही अवगत कराया जा चुका है। इसके अलावा राज्य के मंत्री राजेश नागर और विपुल गोयल के समक्ष भी किसानों की इस गंभीर समस्या को रखा गया था, लेकिन अभी तक कोई भी समाधान नहीं निकला है। किसानों का दावा है कि अधिग्रहित जमीन की मौजूदा बाजार कीमत पहले की तुलना में कई गुना अधिक बढ़ चुकी है। किसानों का यह भी कहना है कि अधिग्रहित जमीन पर उनकी मलकियत में 500 से अधिक पुराने मकान बने हुए हैं। किसान इन सभी मकानों को अधिग्रहण से बाहर रखने और जमीन पर उनके मालिकाना हक को पूरी तरह बरकरार रखने की मांग कर रहे हैं।

शांतिपूर्ण आंदोलन और आगामी चेतावनी

वीरपाल गुर्जर ने स्पष्ट किया कि किसान बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से अपना यह आंदोलन आगे भी जारी रखेंगे। उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी मुख्यमंत्री फरीदाबाद आते हैं, तो किसानों को उनसे मिलने से पहले ही पुलिस द्वारा रोक दिया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक किसान पीछे नहीं हटने वाले हैं। इस मौके पर सरपंच मेहर चंद, चंद्रपाल सरपंच, विजयपाल चंदेला, रणवीर सरपंच, वीरेंद्र चंदीला, सतबीर चंदीला, सूरज चंदीला, ओमप्रकाश भाटी, किसान भाटी, डॉ. जय प्रकाश, सुका मास्टर, रोहित चंदीला, मस्तु ठेकेदार, धर्म नंबरदार, महिपाल चंदीला और जोगिंदर भाटी सहित भारी संख्या में ग्रामीण व किसान मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में यह बात कही कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुई, तो उनका यह संघर्ष आगे भी इसी प्रकार जारी रहेगा।

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