फरीदाबाद में बोरवेल में गिरी दो साल की बच्ची नेहा की दर्दनाक मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन असफल

फरीदाबाद में बोरवेल में गिरी दो साल की बच्ची नेहा की दर्दनाक मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन असफल

फरीदाबाद के सिही गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। दो साल की बच्ची नेहा की खुले बोरवेल में गिरने से मौत हो गई है। यह हादसा रविवार 27 सितंबर 2026 को शाम करीब 5:30 बजे से 7:00 बजे के बीच हुआ।

  • फरीदाबाद के सिही गांव की घटना
  • दो साल की बच्ची नेहा बोरवेल में गिरी
  • लगभग 10 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
  • अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

दस घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

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बच्ची को बाहर निकालने के लिए लगभग 10 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। बच्ची को सोमवार 28 सितंबर 2026 को सुबह लगभग 4:00 बजे शाफ्ट से बाहर निकाला गया। इसके बाद बच्ची को तुरंत एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

कई विभागों की टीमों ने लिया हिस्सा

इस जटिल रेस्क्यू मिशन में कई विभागों की टीमों ने हिस्सा लिया। इस अभियान में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF), स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF), हरियाणा फायर डिपार्टमेंट, हरियाणा पुलिस और गाजियाबाद से UP सिविल डिफेंस की टीमें शामिल थीं। इसके अलावा एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस से लैस मेडिकल टीमें भी मौके पर मौजूद थीं। एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट कुणाल तिवारी ने पुष्टि की कि उनकी टीम को शाम 7:45 बजे अलर्ट किया गया था। इसके बाद उनकी टीम रविवार रात 9:05 बजे तक घटनास्थल पर पहुंच गई थी।

पानी और गहराई बनी रेस्क्यू में बाधा

बचाव कर्मियों ने बताया कि बच्ची काफी गहराई पर उल्टी फंसी हुई थी। 125 फीट के निशान पर पानी होने के कारण बचाव कार्य में और अधिक मुश्किलें आईं। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने बच्ची को लगातार ऑक्सीजन मुहैया कराई। ऑपरेशन की शुरुआत में बचाव कर्मियों को बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दे रही थी।

नगर निगम के बोरवेल पर उठे सवाल

फरीदाबाद नगर निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव कुमार ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस बोरवेल को लगभग 15 वर्ष पहले एक ढक्कन से सील किया गया था। नगर निगम के अधिकारियों को यह जानकारी नहीं थी कि इसका ढक्कन हटा दिया गया था। रिपोर्ट से पता चलता है कि यह बोरवेल कई वर्षों से इस्तेमाल में नहीं था। हादसे से कुछ दिन पहले ही इस बोरवेल का ढक्कन गायब बताया जा रहा है।

पुलिस जांच और पोस्टमार्टम की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने यह पुष्टि कर दी है कि बच्ची का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इस पोस्टमार्टम से मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। इस घटना की जांच अभी चल रही है ताकि खुले हुए नगर निगम के इन्फ्रास्ट्रक्चर में लापरवाही की जांच हो सके। इस मामले के सामने आने के बाद से जनता में काफी चिंता है। लोग अब छोड़े गए बोरवेल के लिए सुरक्षा प्रक्रियाओं पर सवाल उठा रहे हैं और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

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