फरीदाबाद: अधिवक्ता विशाल अदलखा प्रकरण में बार की बड़ी जीत, पुलिस प्रशासन ने मानी प्रमुख मांगें

फरीदाबाद: अधिवक्ता विशाल अदलखा प्रकरण में बार की बड़ी जीत, पुलिस प्रशासन ने मानी प्रमुख मांगें

फरीदाबाद में अधिवक्ता विशाल अदलखा के साथ 21 सितंबर की रात हुए कथित दुर्व्यवहार के मामले में जिला बार एसोसिएशन की एकजुटता रंग लाई है। लगातार किए गए प्रयासों के बाद पुलिस प्रशासन ने अधिवक्ताओं की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। इस मामले में होमगार्ड संदीप तथा पीपी नंबर-3 के पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की शुरुआत कर दी गई है। कार्रवाई की मांग को लेकर 22 सितंबर को जिला बार द्वारा हड़ताल शुरू की गई थी। इस दौरान पुलिसकर्मियों को अदालत परिसर में प्रवेश की अनुमति भी नहीं दी गई थी।

ओ.पी. शर्मा ने अधिवक्ताओं की एकजुटता को बताया ताकत

बार काउंसिल के पूर्व वाइस चेयरमैन एवं वरिष्ठ अधिवक्ता ओ.पी. शर्मा ने इस कार्रवाई के बाद सभी अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह जिला बार की एकजुटता की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता विशाल अदलखा के साथ हुई घटना को लेकर पूरी बार मजबूती से उनके साथ खड़ी रही। अधिवक्ताओं की एकजुट आवाज के कारण ही प्रशासन को प्रमुख मांगों पर कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि बार की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। भविष्य में भी किसी अधिवक्ता के साथ अन्याय होने पर बार एकजुट होकर उसके साथ खड़ी रहेगी। ओ.पी. शर्मा ने जिला बार के महासचिव संजीव अत्री सहित अन्य नेताओं के प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की।

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महासचिव संजीव अत्री और अन्य पदाधिकारियों के प्रयास

जिला बार एसोसिएशन के महासचिव संजीव अत्री ने कहा कि अधिवक्ता समुदाय ने पूरी एकजुटता के साथ विशाल अदलखा के साथ खड़े होकर अपनी मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। पुलिस प्रशासन द्वारा होमगार्ड संदीप को अनुशासनहीनता एवं लापरवाही के चलते तत्काल प्रभाव से यातायात इकाई फरीदाबाद से वापस बुला लिया गया है। साथ ही उसे दोबारा यातायात इकाई फरीदाबाद में ड्यूटी पर नहीं भेजे जाने के आदेश दिए गए हैं। ओ.पी. शर्मा ग्रुप के मीडिया प्रभारी अधिवक्ता मोहन तिवारी ने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं के मार्गदर्शन और सामूहिक एकजुटता से प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई है।

विशाल अदलखा के खिलाफ दर्ज मुकदमा हुआ निरस्त

अधिवक्ताओं की प्रमुख मांग अधिवक्ता विशाल अदलखा के खिलाफ दर्ज मुकदमे को निरस्त करना भी थी, जिसे प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा भविष्य में किसी अधिवक्ता और पुलिसकर्मी के बीच विवाद होने पर उचित स्तर पर भेजने एवं समन्वय के लिए एसीपी राजीव यादव को नोडल अधिकारी बनाया गया है। महासचिव संजीव अत्री, पूर्व महासचिव ओम दत्त शर्मा, भीष्म नारायण मुदगिल वरिष्ठ उप प्रधान ने कहा कि बार का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था से टकराव नहीं है। बार का मुख्य उद्देश्य अधिवक्ताओं के सम्मान, सुरक्षा और न्यायपूर्ण व्यवहार को सुनिश्चित करना है। उन्होंने इस संघर्ष में साथ देने वाले सभी अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया है। इस अवसर पर सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।

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