महाराष्ट्र से फलाहार सीखने नरवाना आईं दो युवतियां, बीके अश्वनी दीवान की मुहिम से बदल रही लोगों की जीवनशैली

महाराष्ट्र से फलाहार सीखने नरवाना आईं दो युवतियां, बीके अश्वनी दीवान की मुहिम से बदल रही लोगों की जीवनशैली

महाराष्ट्र से फलाहार सीखने आई दो युवतियां

फलाहार को बढ़ावा देने में जुटे हैं बीके अश्वनी दीवान

जीवन शैली परिवर्तन से बिना दवाइयों के बीमारियां होती हैं ठीक

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सैकड़ों लोगों की मानसिक एवं शारीरिक बीमारियाँ कर चुके हैं ठीक

नरवाना/ 17 अगस्त 2026 /नरेन्द्र जेठी/ अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

 बड़े बड़े हस्पतालों के महंगे इलाज के बावजूद हार्ट अटैक, कैंसर जैसी जानलेवा खतरनाक बीमारियां दिनोंदिन समाज में फैलती ही जा रही है। ढेरों दवाइयां खाने के बावजूद हर वर्ग के लोग विभिन्न बीमारियों में अपनी जान गवां रहे हैं। एकल परिवार के इस दौर में पैसे खर्चने के बावजूद बीमारियों की पूर्णतया रोकथाम नहीं हो पा रही हैं। वहीं दूसरी ओर लोग जीवन शैली परिवर्तन द्वारा बिना दवाइयों के बीमारियां ठीक करने में जुटे हैं।

इसी मुहिम में बीके अश्वनी दीवान का नाम भी नरवाना क्षेत्र में फलाहारी हेल्थ कोच के रूप में मशहूर है। दीवान पिछले कईं वर्षों से जीवन शैली परिवर्तन एवं भोजन परिवर्तन द्वारा खुद की और सैकड़ों लोगों की बीमारियां दूर कर चुके हैं। कुछ माह पूर्व गॉडली फ्रूट क्लिनिक एवं ब्रह्मा कुमारीज संस्था के संयुक्त तत्वाधान में लगाए गए 5 दिवसीय नि:शुल्क फलाहार शिविर में सैकड़ों लोगों एवं मशहूर हस्तियों ने स्वास्थ्य लाभ लिया था। प्रसिद्ध समाजसेवी, इंजीनियर, हेल्थ कोच, आध्यात्मिक काउंसलर एवं मेडिटेशन एक्सपर्ट के रूप में कार्यरत दीवान व्यक्तिगत, शिविर, प्रोग्रामों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक करने में जुटे हैं।

महाराष्ट्र से आई दो युवतियां -जीवन शैली परिवर्तन के तहत फलाहार, मेडिटेशन, काउंसलिंग के द्वारा बिना दवाइयों के बीमारी ठीक करने का अभ्यास करने के लिए महाराष्ट्र के अकोला जिले की दो युवतियां नरवाना पहुंची हुई है। दीवान के हेड पोस्ट ऑफिस के नजदीक नन्हूमल कॉम्प्लेक्स में स्थित गॉडली फ्रूट क्लिनिक में फलाहार की क्लास लगा रही हैं। अकोला जिले की रहवासी कुमारी चंचल मिश्रा एवं सविता बहन ने बताया कि अश्वनी दीवान द्वारा जूम मीटिंग,कैंप, क्लास एवं सोशल मीडिया द्वारा जागरूकता अभियान चलाया हुआ है।

सोशल मीडिया के द्वारा वे काफी समय से अपना इलाज करवा रहे हैं। जिससे उन्हें काफी लाभ हुआ है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए वो इस विधि को सीखने के लिए विशेष रूप से नरवाना आए हैं। इस विधि से नरवाना की कुमारी चंचल, गांव कान्हा खेड़ा बीके विकास नैन को टाइप ए शुगर में काफी आराम मिला, उनकी दवाई कम हो गई। उनकी माता की शुगर, दर्द आदि कईं बीमारी इस विधि से ठीक हो गई।

कईं वर्षों से नसों की लाइलाज बीमारी मस्कुलर डिस्ट्रोफी से पीड़ित कुमारी नूपुर को भी जीवन शैली परिवर्तन करने से काफी लाभ हुआ है । जहां पहले वो शारीरिक रूप से काफी गिरती थी लाचार थी। अब उनका आत्मविश्वास एवं शरीर का हल्कापन काफी बढा है अब वो काफी काम खुद करने लगी हैं। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग पूर्व सदस्य एवं प्रसिद्ध समाजसेवी बिजनेसमैन लक्ष्मण मिर्धा साँस, दर्द, मोटापा आदि के बीमारी से पीडि़त थे, अब काफी राहत महसुस कर रहे हैं।

अश्वनी दीवान के बताए नुस्खे पर चलकर मात्र 15 दिन में उनका 18 किलो वजन कम हुआ और सांस, दर्द आदि बीमारी में काफी आराम मिला। सब्जी मंडी के उपप्रधान राजू सेतिया को शरीर के भारीपन, मोटापा में काफी आराम मिला, आर्य स्कूल के बाहर प्लास्टिक की चीजों की दुकान कर रहे संजीव गोयल को भी शुगर में काफी लाभ मिला है। रिटायर्ड कानूगो जयपाल को मोटापे एवं भारीपन में लाभ, राकेश मित्तल को गठिया में लाभ, मेहरचंद पुजारी को इस विधि से काफी स्वास्थ्य लाभ हुआ । महाराष्ट्र की जयश्री को काफी स्वास्थ्य लाभ हुआ व जाट महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवनजीत बनवाला को भी शरीर में हल्कापन एवं अन्य स्वास्थ्य लाभ मिला ।

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