Enforcement Directorate ने 645 करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन गबन मामले में चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 ठिकानों पर की छापेमारी

एनफोर्समेंट Directorate (ED) ने मंगलवार को चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में कुल 14 परिसरों पर छापेमारी की कार्रवाई की है। यह कार्रवाई 645 करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन के कथित गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में की गई है। यह सारा सार्वजनिक धन हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ Municipal Corporation और अन्य सरकारी खातों से संबंधित है।
- ED के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-II ने Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत यह सर्च ऑपरेशन चलाया।
- यह जांच फरवरी 2026 में हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक FIR के आधार पर शुरू की गई थी।
- यह FIR हरियाणा के Development and Panchayat Department के बैंक खातों के बैलेंस में गड़बड़ी से जुड़ी है, जो IDFC First Bank और AU Small Finance Bank में मेंटेन किए गए थे।
विभिन्न ज्वैलर्स और बिचौलियों के ठिकानों पर छापेमारी
इस छापेमारी में विभिन्न ज्वैलर्स और उनसे जुड़े संस्थानों को कवर किया गया है। इनमें मलिक ज्वैलर्स, KLG ज्वैल्स और उससे जुड़े संस्थान, MB गोल्ड ट्रेडर्स, शाम ज्वैलर्स और सुंदर ज्वैलर्स शामिल हैं।
इसके अलावा गौरव कंसल के ठिकानों पर भी छापे मारे गए, जो अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) को रूट और लेयर करने में कथित तौर पर बिचौलिए (Middleman) के रूप में काम कर रहे थे।
मिले हैं अहम सबूत और दस्तावेज
इन छापेमारी के परिणामस्वरूप अपराध की कमाई को विभिन्न संस्थाओं और बैंक खातों के माध्यम से रूट करने, लेयर करने, छिपाने और पेश करने से जुड़े और अधिक सबूत बरामद हुए हैं।
छापेमारी के दौरान बरामद किए गए दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की जांच की जा रही है।
बैंक खातों के जरिए धन को वैध बनाने का खेल
अधिकारियों ने बताया कि ED की जांच से यह खुलासा हुआ है कि कथित तौर पर गबन किए गए सार्वजनिक धन को विभिन्न ज्वैलर्स के बैंक खातों के माध्यम से रूट और लेयर किया गया था।
इन पैसों को बिजनेस ट्रांजैक्शंस के रूप में प्रोजेक्ट किया गया था। ये लेन-देन कथित तौर पर आरोपी व्यक्तियों की मिलीभगत से किए गए थे ताकि अपराध की कमाई को वैध धन (Legitimate Funds) के रूप में छिपाया और दिखाया जा सके।
IAS अधिकारियों तक पहुंचा अपराध का पैसा
अधिकारियों ने आगे बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि ये ज्वैलर्स हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और चंडीगढ़ UT प्रशासन के बैंक खातों से उत्पन्न अपराध की कमाई को लॉन्ड्रिंग करने में कथित रूप से शामिल थे।
अधिकारियों ने कहा कि यह भी आरोप है कि ज्वैलर्स द्वारा लॉन्ड्रिंग की गई अपराध की कमाई IDFC First Bank घोटाले में शामिल आरोपी IAS अधिकारियों और अन्य सरकारी सेवकों तक पहुंची थी।
CBI की चार्जशीट और ED की अब तक की कार्रवाई
इस संबंध में Central Bureau of Investigation (CBI) ने पंचकूला की विशेष अदालत में तीसरी चार्जशीट दायर कर दी है। इस चार्जशीट में बैंक धोखाधड़ी मामले के संबंध में हरियाणा कैडर के छह IAS अधिकारियों और अन्य सरकारी सेवकों के नाम शामिल हैं।
इससे पहले इसी मामले में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में कथित संलिप्तता के लिए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
एजेंसी ने जांच के संबंध में लगभग 211 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अटैच, सीज और फ्रीज भी किया है। ED ने इसके अलावा पंचकूला की विशेष PMLA अदालत के समक्ष 14 आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ एक Prosecution Complaint भी दायर कर दी है।