ईडी ने बैंक घोटाले की जांच में चंडीगढ़ और आसपास के 14 स्थानों पर मारे छापे

चंडीगढ़, 29 सितंबर। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की टीमों ने मंगलवार को बैंक घोटाले की जांच के सिलसिले में चंडीगढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों में 14 स्थानों पर छापे मारे। इन छापों के दौरान टीमों ने जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। यह पूरा मामला हरियाणा के आठ सरकारी विभागों तथा यूटी चंडीगढ़ के अधीन आते क्रेस्ट विभाग से जुड़ा है। इन विभागों में करीब 650 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है।
- ईडी ने चंडीगढ़ और आसपास के 14 स्थानों पर छापे मारे
- करीब 650 करोड़ रुपये के घोटाले की चल रही है जांच
- सीबीआई इस मामले में तीन दर्जन से अधिक आरोपियों के खिलाफ कर चुकी है चार्जशीट पेश
- हरियाणा पुलिस की फरवरी 2026 की एफआईआर पर आधारित है ईडी की यह जांच
सीबीआई पेश कर चुकी है चार्जशीट
इस मामले में सीबीआई अब तक तीन दर्जन से अधिक अधिकारियों, कर्मचारियों तथा सामान्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश कर चुकी है। ईडी की यह जांच हरियाणा पुलिस के फरवरी 2026 के एफआईआर पर आधारित है। इस एफआईआर में डेवलपमेंट एंड पंचायत विभाग के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक खातों में गड़बड़ी पाई गई थी। जांच के दौरान चंडीगढ़, मोहाली तथा पंचकूला में कई नामी ज्वैलर तथा फर्जी कंपनियां सामने आई थीं।
फर्जी कंपनियों और ज्वेलर्स के जरिए हुआ पैसों का खेल
जांच में ईडी को ऐसे लेनदेन का पता चलने का दावा किया गया है जिनके जरिए कथित तौर पर सरकारी धन को विभिन्न बैंक खातों में भेजा गया था। इसके बाद इस रकम को अलग-अलग खातों और संस्थाओं के माध्यम से आगे बढ़ाया गया। एजेंसी का आरोप है कि इस प्रक्रिया में ज्वेलर्स के बैंक खातों का इस्तेमाल रकम की लेयरिंग और उसके स्रोत को छिपाने के लिए किया गया था। अब जांच का फोकस केवल सरकारी बैंक खातों से रकम निकलने तक सीमित नहीं है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि निकली हुई रकम किन-किन रास्तों से होकर कहां पहुंची और उसे वैध कारोबार का हिस्सा कैसे दिखाया गया।
कई ज्वेलरी फर्मों पर हुई कार्रवाई और आईएएस अधिकारियों तक पहुंची बात
ईडी ने मंगलवार को जिन ज्वेलरी फर्मों पर कार्रवाई की उनमें मलिक ज्वेलर्स, केएलजी ज्वेल्स, एमबी गोल्ड ट्रेडर्स, शाम ज्वेलर्स, सुंदर ज्वेलर्स और बिचौलिये गौरव कंसल शामिल हैं। कथित गबन की रकम ज्वेलर्स के खातों से व्यापारिक लेनदेन दिखाकर गबन की गई थी। यह रकम बाद में आईएएस अधिकारियों तक पहुंचाई गई थी। सीबीआई ने हाल ही में हरियाणा कैडर के छह आईएएस समेत आरोपियों के खिलाफ तीसरा चार्जशीट दाखिल किया है।
अब तक 211 करोड़ की संपत्ति अटैच
दूसरी तरफ ईडी द्वारा इस मामले में अभी तक 211 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच या जब्त किया जा चुका है। मंगलवार को चंडीगढ़ व आसपास के इलाकों में हुई कार्रवाई को लेकर अभी विस्तृत ब्यौरा जारी नहीं किया गया है। हालांकि यह बताया जा रहा है कि ईडी को बैंक घोटाले से संबंधित फर्जी लेनदेन के कई अहम सुराग मिले हैं।