डॉ. कमल गुप्ता का बड़ा बयान, चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से विपक्ष के आरोपों की खुली पोल

डॉ. कमल गुप्ता का बड़ा बयान, चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से विपक्ष के आरोपों की खुली पोल

हिसार में पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग के संयुक्त बयान के बाद कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा आयोग की कार्यप्रणाली पर लगाए जा रहे आरोपों की स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर सहित सभी प्रमुख निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए थे।

  • पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने हिसार के भाजपा कार्यालय में सोमवार को पत्रकार वार्ता की।
  • उन्होंने कहा कि एसआईआर समेत सभी प्रमुख फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और विपक्ष को तथ्यों के आधार पर चर्चा करनी चाहिए।
  • भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़ ने भी संवैधानिक संस्थाओं के संबंध में तथ्यात्मक चर्चा करने की बात कही है।

भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान रखी गई बात

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भारतीय जनता पार्टी के हिसार कार्यालय में सोमवार को एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया था। इस पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी बात रखी।

26 सितंबर के संयुक्त वक्तव्य का दिया गया हवाला

डॉ. कमल गुप्ता ने बताया कि 26 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त एसएस संधू तथा विवेक जोशी की एक बैठक हुई थी। इस बैठक के बाद एक संयुक्त वक्तव्य जारी किया गया था जिसमें 24 जून 2025 के मूल एसआईआर आदेश तथा विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एसआईआर की समय-सारणी से जुड़े प्रमुख निर्णयों को सर्वसम्मति से लिया जाना बताया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद विपक्ष को भी तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।

कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर स्पष्टीकरण

कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर उठे विवाद पर भी डॉ. गुप्ता ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के अनुसार यह पत्र किसी नीतिगत विषय या एसआईआर से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़ा एक मामला था। उन्होंने आगे कहा कि स्वयं आयोग ने भी अपने स्पष्टीकरण में यह बात कही है कि यह पत्र किसी भी नीतिगत विषय से संबंधित नहीं था।

भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़ का बयान

इस अवसर पर भाजपा की जिला अध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़ ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के संबंध में राजनीतिक बयान देते समय सभी दलों को हमेशा तथ्यों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के संयुक्त बयान के बाद एसआईआर और आयोग के अन्य निर्णयों को लेकर किसी भी प्रकार के राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगाने के बजाय तथ्यात्मक चर्चा की जानी चाहिए।

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