लाडवा के आईजी कॉलेज में भविष्य के कार्यस्थल के लिए डिजिटल कौशल विषय पर कार्यशाला आयोजित

लाडवा के आईजी कॉलेज में भविष्य के कार्यस्थल के लिए डिजिटल कौशल विषय पर कार्यशाला आयोजित

भविष्य के कार्यस्थल के लिए डिजिटल कौशल जरूरी - आईजी कॉलेज में कार्यशाला आयोजित

विद्यार्थियों को गूगल डॉक्स, शीट, स्लाइड, एआई और साइबर सुरक्षा की दी व्यावहारिक जानकारी

लाडवा/ 26 सितंबर 2026 /मानव गर्ग/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

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भविष्य के कार्यस्थल के लिए डिजिटल कौशल जरूरी हैं। इसी विषय को ध्यान में रखते हुए इंदिरा गांधी नेशनल कॉलेज, लाडवा में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला कंप्यूटर साइंस विभाग एवं पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई। - कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल कौशलों से परिचित करवाना था। - कार्यक्रम में गूगल डॉक्स, शीट, स्लाइड और एआई की जानकारी दी गई। - साइबर सुरक्षा और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार पर भी विशेष जोर दिया गया।

कार्यशाला का शुभारंभ और उद्देश्य

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत इंदिरा गांधी नेशनल कॉलेज, लाडवा में कंप्यूटर साइंस विभाग एवं पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘भविष्य के कार्यस्थल के लिए डिजिटल कौशल’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक एवं व्यावसायिक जीवन में उपयोगी डिजिटल कौशलों से परिचित करवाना था। इसके साथ ही विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग के लिए तैयार करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज प्राचार्य प्रो. कुशल पाल ने मुख्य वक्ता डा. प्राची गर्ग का स्वागत करके किया। मुख्य वक्ता डा. प्राची गर्ग एसोसिएट प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस विभाग, एम.एम. यूनिवर्सिटी, मुलाना से हैं। कॉलेज प्राचार्य ने विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार की व्यावहारिक एवं रोजगारपरक कार्यशाला के आयोजन की सराहना की। आयोजन सचिव ज्योति गाबा ने मुख्य वक्ता का विद्यार्थियों एवं उपस्थित संकाय सदस्यों से परिचय करवाया।

गूगल उपकरणों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की व्यावहारिक जानकारी

मुख्य वक्ता डा. प्राची गर्ग ने विद्यार्थियों को क्लाउड आधारित उत्पादकता उपकरणों की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से गूगल डॉक्स, गूगल शीट और गूगल स्लाइड के प्रभावी उपयोग के बारे में बताया। उन्होंने दस्तावेज तैयार करने, उनमें संशोधन करने और उन्हें साझा करने की प्रक्रिया समझाई। इसके अलावा डेटा प्रबंधन, प्रस्तुतियां तैयार करने तथा एक ही दस्तावेज पर वास्तविक समय में मिलकर कार्य करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। कार्यशाला में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। डा. प्राची गर्ग ने बताया कि एआई आधारित उपकरण उत्पादकता बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। ये उपकरण सामग्री तैयार करने, सूचना के विश्लेषण और विभिन्न नियमित कार्यों में बहुत सहायता करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को एआई के जिम्मेदार एवं नैतिक उपयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने एआई से प्राप्त जानकारी की सत्यता एवं विश्वसनीयता की जांच करने के लिए भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया।

साइबर सुरक्षा और डिजिटल संचार का महत्व

कार्यशाला के दौरान साइबर सुरक्षा एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार पर भी विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को क्लाउड आधारित फाइल स्टोरेज के बारे में बताया गया। इसके साथ ही फाइल शेयरिंग, ऑनलाइन सहयोग, टीमवर्क और प्रभावी डिजिटल संचार के बारे में भी जानकारी दी गई। पुस्तकालयाध्यक्ष एवं संयोजक डा. रुपेश गौड़ ने आधुनिक शिक्षा एवं सूचना प्रबंधन में डिजिटल उपकरणों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रामाणिक डिजिटल संसाधनों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को क्लाउड तकनीकों एवं सहयोगात्मक डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया। इस अवसर पर डा. अमित वशिष्ठ, डा. मोहन लाल, डा. सुमन सिवाच और शिखा मंडान भी उपस्थित रहीं। यह पूरी कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक रही।

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