हिसार में डीएचबीवीएन की सख्ती: पदोन्नति के बाद नई तैनाती पर ज्वाइन नहीं करने वालों का प्रमोशन होगा रद्द

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने पदोन्नति मिलने के बाद भी अपनी नई तैनाती वाली जगह पर तय समय के भीतर कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर बड़ी सख्ती बरती है। निगम के मानव संसाधन विभाग ने सभी अधीक्षण अभियंताओं को एक पत्र जारी कर दिया है। इस पत्र के माध्यम से ऐसे सभी कर्मचारियों का पूरा ब्योरा शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर मांगा गया है जिन्होंने तय समय में अपनी ज्वाइनिंग नहीं दी है।
इन पदों पर जारी हुए थे पदोन्नति के आदेश
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के आदेश जारी किए गए थे। इनमें लाइनमैन से एएफएम के पद शामिल हैं। इसके अलावा एएफएम, एसएसए और एलए के पदों से जूनियर इंजीनियर के पद पर पदोन्नति दी गई थी। साथ ही जूनियर इंजीनियर से जेई-1 के पद पर भी पदोन्नति के आदेश जारी किए गए थे। नियमों के मुताबिक सभी पदोन्नत कर्मचारियों को आदेश जारी होने की तारीख से एक महीने के भीतर अपनी नई तैनाती पर कार्यभार संभालना अनिवार्य किया गया था।
बिना पूर्व नोटिस के रद्द होंगे पदोन्नति आदेश
डीएचबीवीएन ने यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि जो कर्मचारी निर्धारित अवधि के भीतर अपने नए पद पर ज्वाइन नहीं करेंगे, उनके पदोन्नति आदेश बिना किसी पूर्व नोटिस के रद्द मान लिए जाएंगे। ऐसे सभी कर्मचारियों को पदोन्नति छोड़ने वाला यानी फॉरगो मान लिया जाएगा। निगम ने सभी अधीक्षण अभियंताओं को यह सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने सर्कल में गैर-जॉइनिंग करने वाले कर्मचारियों की जानकारी तय प्रपत्र में तत्काल भेजें। इस जानकारी के मिलने के बाद नियमानुसार ऐसे कर्मचारियों की पदोन्नति को एक वर्ष के लिए फॉरगो करने के आदेश जारी किए जा सकें।