तरावड़ी के जीवी राइस एक्सपोर्ट में हुआ देवी चित्रलेखा जी का भव्य स्वागत

देवी चित्रलेखा जी का तरावड़ी आगमन
प्रसिद्ध कथाव्यास एवं धर्मप्रचारक देवी चित्रलेखा जी के पावन आगमन से तरावड़ी शहर का वातावरण श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हो गया। सबसे पहले उन्होंने तरावड़ी के खाटू श्याम मंदिर में मत्था टेका। इसके बाद जीवी राइस एक्सपोर्ट प्रा.लि. तरावड़ी में पहुंचने पर देवी चित्रलेखा जी का गुलाब की पंखुड़ियों से भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर राइस मिल के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रमोद बंसल, विनीत बंसल व चुनीत बंसल सहित अनेक गणमान्य लोगों ने उनका सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
डायरेक्टर चुनीत बंसल और प्रमोद बंसल का बयान
देवी चित्रलेखा जी के आगमन को लेकर राइस मिल परिसर में विशेष उत्साह देखने को मिला। स्वागत के दौरान उपस्थित लोगों ने श्रद्धा भाव के साथ उनका अभिनंदन किया। डायरेक्टर प्रमोद ओर चुनीत बंसल ने देवी चित्रलेखा जी को सम्मानित करते हुए कहा कि कम उम्र में सनातन धर्म की सेवा, धार्मिक ज्ञान और आध्यात्मिक संदेश को देश-विदेश तक पहुंचाने वाली देवी चित्रलेखा जी का सान्निध्य मिलना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। उनके आगमन से पूरे परिसर में सकारात्मक एवं भक्तिमय वातावरण बना।
तरावड़ी के चावल उद्योग की सराहना
इस दौरान देवी चित्रलेखा जी ने तरावड़ी की चावल उद्योग में विशेष पहचान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि तरावड़ी के चावल अपनी गुणवत्ता, स्वाद और उत्कृष्ट पहचान के कारण देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक प्रसिद्ध हैं। यहां के चावल ने क्षेत्र को विश्व स्तर पर अलग पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने राइस मिल के कार्यों एवं चावल उद्योग से जुड़े प्रयासों की जानकारी भी ली।
राइस मिल और उद्योग से जुड़ी जानकारी
इस दौरान उद्योग से जुड़े लोगों ने बताया कि तरावड़ी लंबे समय से चावल के उत्पादन, प्रसंस्करण और निर्यात के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है। यहां तैयार होने वाले चावल की देश-विदेश में मांग रहती है और क्षेत्र के अनेक उद्योग इस पहचान को लगातार आगे बढ़ाने में जुटे हैं। देवी चित्रलेखा जी के जीवी राइस एक्सपोर्ट प्रा.लि. तरावड़ी में पहुंचने पर उपस्थित लोगों में विशेष उत्साह नजर आया। लोगों ने उनका आशीर्वाद लिया और उनके साथ आध्यात्मिक एवं सामाजिक विषयों पर चर्चा भी की। इस अवसर पर राइस मिल प्रबंधन से जुड़े सदस्य, गणमान्य लोग एवं अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।