दानौदा कलां बना मॉडल सोलर गांव: पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्थापित हुए 101 सोलर कनेक्शन

दानौदा कलां बना मॉडल सोलर गांव: पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्थापित हुए 101 सोलर कनेक्शन

दनौदा कलां बना मॉडल सोलर गांव-

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत दनौदा गांव में स्थापित किए गए 101 सोलर कनेक्शन-डीसी डॉ. वैशाली शमा

नरेंद्र जेठी/नरवाना मंडी /9 सितम्बर2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

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दनौदा कलां गांव अब एक मॉडल सोलर गांव के रूप में विकसित किया जा चुका है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत दनौदा गांव में अब तक 101 सोलर कनेक्शन स्थापित किए गए हैं। डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने नरवाना में यह जानकारी दी है। दनौदा कलां में सौर ऊर्जा को अपनाने की दिशा में किया गया यह कार्य अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणादायक है। प्रशासन का यह मुख्य प्रयास है कि जिले के अधिक से अधिक गांवों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाए। इसके साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के परिवारों को बिजली के खर्च से राहत दिलाई जाए। दनौदा कलां के मॉडल सोलर गांव बनने पर सरकार द्वारा विकास कार्यों के लिए अलग से प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। जिला में अब तक लगभग 3 हजार 500 सोलर कनेक्शन दिए जा चुके हैं।

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा बैठक

जींद में बुधवार को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति को लेकर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने इस बैठक में बिजली विभाग के अधिकारियों से योजना के तहत अब तक किए गए कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने सोलर कनेक्शन की संख्या तथा पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की। इस अवसर पर एडीसी प्रदीप कुमार, एसई विनोद पुनिया, कार्यकारी अभियंता विकास मलिक, अमित सिंह, एपीओ अमित कुमार, ईओ सुशील कुमार, एलडीएम अनुपम मरांडी, डीएलसी कमेटी सदस्य कुलदीप सरपंच, हरीश अरोड़ा, गुलशन आहूजा, सुरजीत मलिक सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। डीसी ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए यह योजना चलाई जा रही है। आमजन को बिजली के बढ़ते खर्च से राहत देने के उद्देश्य से यह योजना बहुत महत्वपूर्ण है। इस योजना के माध्यम से पात्र परिवार अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवा सकते हैं। इसके जरिए स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन किया जा सकता है और बिजली के बिल में बड़ी बचत की जा सकती है।

ग्राम पंचायतों और नगर निकायों की भूमिका और प्रोत्साहन राशि

डीसी ने बताया कि घरों पर सोलर कनेक्शन स्थापित करवाने में ग्राम पंचायतों और नगर निकायों की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण है। सोलर कनेक्शन स्थापित करवाने पर संबंधित ग्राम पंचायत अथवा नगर निकाय को प्रति कनेक्शन एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। इस राशि से स्थानीय निकाय अपने क्षेत्र व ग्राम का विकास कार्य करवा सकेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए। सरपंच, पंच तथा स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि अपने क्षेत्र के पात्र परिवारों को योजना की जानकारी दें। उन्हें सोलर कनेक्शन लगवाने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए जल्द ही जिले के सभी सरपंचों के साथ एक बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में योजना की विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

सब्सिडी और बैंक ऋण की सुविधा

डीसी ने जानकारी दी कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत बीपीएल के पात्र लाभार्थियों को एक लाख 10 हजार रुपये तक की सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। यह लाभ केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से निर्धारित नियमों के अनुसार दिया जा रहा है। इसी प्रकार आम उपभोक्ताओं को 3 किलोवाट तक 78 हजार रुपये का लाभ दिया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं को घर की छत पर सोलर सिस्टम लगवाने का खर्च काफी कम हो जाता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि पात्र परिवार योजना की जानकारी प्राप्त करें। वे इसका पूरा लाभ उठाएं और अपने घरों को सौर ऊर्जा से रोशन करने की दिशा में कदम बढ़ाएं। सौर ऊर्जा पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बिजली की बचत का भी प्रभावी माध्यम है। अधिक से अधिक परिवार सोलर ऊर्जा अपनाएंगे तो पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी। इससे पर्यावरण को भी बहुत लाभ मिलेगा। जिन पात्र परिवारों को सोलर सिस्टम लगवाने के लिए एकमुश्त राशि की आवश्यकता है, उनके लिए बैंकों के माध्यम से ऋण की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। पात्र व्यक्ति बैंकिंग प्रक्रिया के माध्यम से ऋण प्राप्त कर सकते हैं। वे अपने घर पर सोलर सिस्टम स्थापित करवा सकते हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लोगों को सब्सिडी के साथ-साथ ऋण सुविधा की भी पूरी जानकारी दें। इससे आर्थिक कारणों से कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगा। योजना का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा उपलब्ध करवाना है।

व्यापक जागरूकता अभियान और प्रचार-प्रसार

डीसी ने कहा कि योजना की सफलता के लिए केवल सोलर सिस्टम स्थापित करना ही पर्याप्त नहीं है। लोगों को इसके लाभों के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए सार्वजनिक स्थानों पर बैनर आदि लगाए जाएं। इससे लोगों को योजना के बारे में विस्तार से जानकारी मिल सकेगी। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि गांवों व शहरी वार्डों में जागरूकता शिविर लगाए जाएं। ग्राम सभाओं, सोशल मीडिया तथा अन्य जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से भी जानकारी दी जाए। अधिकारी विशेष रूप से ऐसे परिवारों की पहचान करें जो योजना के लिए पात्र हैं। जो परिवार अभी तक इसका लाभ नहीं उठा पाए हैं, उन्हें प्रेरित किया जाए। इन परिवारों को योजना की प्रक्रिया, सब्सिडी और ऋण सुविधा के बारे में जानकारी दी जाए। दनौदा कलां का मॉडल बनना जिले के अन्य गांवों के लिए भी बड़ा उदाहरण बनेगा। सरकार और प्रशासन का यह लक्ष्य है कि जिले में अधिक से अधिक घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित हों। जिला सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करे। अंत में डीसी ने आमजन से अपील की कि वे इस महत्वाकांक्षी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। अपने घरों को सौर ऊर्जा से जोड़कर बिजली की बचत करें और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें।

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