लाडवा के इंदिरा गांधी नेशनल कॉलेज में फसल अवशेष प्रबंधन पर व्याख्यान और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

लाडवा के इंदिरा गांधी नेशनल कॉलेज में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अपशिष्ट पृथक्करण एवं खाद बनाना विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कुरुक्षेत्र की ओर से विपुल कंबोज (कृषि विकास अधिकारी) तथा गीता शर्मा ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई।
पराली न जलाने को लेकर मुख्य वक्ता ने दिए निर्देश
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. अमित कुमार वशिष्ठ ने कहा कि सरकार द्वारा भी किसानों को पराली न जलाने के संबंध में विभिन्न दिशा-निर्देश एवं जागरूकता संदेश दिए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पराली जलाने से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाता है, जिससे आमजन को सांस लेने में परेशानी सहित स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि फसल अवशेषों को जलाने से मिट्टी के जैविक एवं पोषक तत्वों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और लंबे समय में भूमि की उर्वरता प्रभावित होती है। इसलिए किसानों को पराली एवं अन्य कृषि अवशेषों के वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन के तरीकों को अपनाना चाहिए।
प्राचार्य प्रो. कुशल पाल ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
कॉलेज प्राचार्य प्रो. कुशल पाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें पराली न जलाने तथा अपने आसपास के लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के विजेता
व्याख्यान के बाद विद्यार्थियों के लिए पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में लगभग 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर आकर्षक एवं जागरूकता पर पोस्टर तैयार किए। विद्यार्थियों ने पोस्टरों के माध्यम से पराली न जलाने, फसल अवशेषों का उचित उपयोग करने तथा पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने का संदेश दिया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में हर्ष काजल ने प्रथम, मेघा रानी ने द्वितीय तथा सुकृति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी गई।