Colliers Homebuying Sentiment Survey 2026: लगभग 50% संभावित घर खरीदार 2 साल के भीतर घर खरीद सकते हैं

प्रॉपर्टी कंसल्टेंट कंपनी Colliers ने अपनी नई रिपोर्ट Homebuying Sentiment Survey 2026 जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत का आवासीय बाजार मजबूत बना हुआ है और साल 2026 के दौरान हाउसिंग सेल्स लगातार शानदार बनी हुई है।
- लगभग 50 प्रतिशत संभावित घर खरीदार अगले 2 वर्षों के भीतर घर खरीदने की इच्छा रखते हैं।
- 54 प्रतिशत संभावित खरीदारों का कहना है कि बाहरी मैक्रोइकोनॉमिक अस्थिरता के बावजूद होमबाइंग सेंटिमेंट मजबूत बना हुआ है।
- 46 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने 50 लाख रुपये से 1.5 करोड़ रुपये के बीच की कीमत वाली संपत्तियों को प्राथमिकता दी है।
- लगभग एक-तिहाई खरीदार सामर्थ्य और प्राइसिंग को बड़ी चिंता मानते हैं, जिसके बाद नौकरी की सुरक्षा और आय की दृश्यता को लेकर आशंकाएं हैं।
- 62 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने 2 और 3 BHK अपार्टमेंट पसंद किए हैं।
- 60 प्रतिशत से अधिक खरीदार रेडी-टू-मूव या निर्माण के अंतिम चरण में पहुंचे घरों को पसंद करते हैं।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु और खरीदारों की पसंद
Colliers की यह रिपोर्ट देश के 30 से अधिक स्थापित और उभरते आवासीय बाजारों के लगभग 1,800 उत्तरदाताओं के विचारों पर आधारित है। यह रिपोर्ट घर खरीदने की बदलती प्राथमिकताओं और संपत्ति खरीद के फैसलों को आकार देने वाले कारकों पर प्रकाश डालती है। लगभग आधे सर्वेक्षण किए गए उत्तरदाता आगामी 2 वर्षों के भीतर एक आवासीय संपत्ति खरीदने के इच्छुक हैं। क्षेत्रीय संघर्षों, कमोडिटी मूल्य में उतार-चढ़ाव, वैश्विक आर्थिक विकास के मध्यम पूर्वानुमान और बढ़ती निर्माण लागत के बावजूद, भारतीय रियल एस्टेट पर बाहरी अस्थिरता का असर कम रहने की संभावना है।
किफायती कीमत और वित्तपोषण के विकल्प
Colliers India के रेजिडेंशियल ट्रांजेक्शन सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर रवि शंकर सिंह का कहना है कि भारत का आवासीय बाजार मुख्य रूप से एंड-यूज़र पर आधारित है, लेकिन खरीदारी के इरादे से वास्तविक खरीद तक का सफर अधिक जटिल हो रहा है। खरीदार अधिक कीमत-संवेदनशील, जोखिम-से-दूर और चुनिंदा हो रहे हैं। हाउसिंग सेल्स प्राइस-वेल्थ एलाइनमेंट, फाइनेंसिंग फ्लेक्सिबिलिटी और प्रोडक्ट-मार्केट फिट पर निर्भर करेगी। लगभग एक-तिहाई खरीदार सामर्थ्य और मूल्य निर्धारण को अपनी मुख्य चिंता मानते हैं, जिसके बाद नौकरी की सुरक्षा और आय के स्तर पर भरोसा अहम है।
अपार्टमेंट का आकार और सामाजिक बुनियादी ढांचा
खरीदारों की प्राथमिकताओं में सामर्थ्य सबसे ऊपर है, जिसके बाद यूनिट का आकार और लेआउट, तथा सामाजिक बुनियादी ढांचा और कुल कनेक्टिविटी आती है। लगभग 75 से 80 प्रतिशत उत्तरदाता यूनिट के आकार, लेआउट और कनेक्टिविटी को शीर्ष प्राथमिकता देते हैं। गेटेड समाजों में सुरक्षा प्रणालियों को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाती है, जिसके बाद हरे और खुले स्थान तथा कम्युनिटी ज़ोन आते हैं। 30 वर्ष से कम आयु के युवा खरीदार फिटनेस और वेलनेस सुविधाओं को अधिक महत्व देते हैं, जिनकी प्राथमिकताएं कुल औसत से लगभग दोगुनी हैं।
स्वयं के उपयोग और दूसरी संपत्ति के लिए खरीद
लगभग 51 प्रतिशत उत्तरदाता स्वयं के उपयोग के लिए घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, जो एंड-यूज़र की मजबूत मांग को दर्शाता है। इसके अलावा, 16 प्रतिशत उत्तरदाता दूसरा या वैकेशन होम खरीदना चाहते हैं, जो अवकाश और जीवनशैली से जुड़ी ओनरशिप को बढ़ावा देता है। यह प्रवृत्ति डेवलपर्स को अवकाश गंतव्यों, वेलनेस समुदायों और जीवनशैली-केंद्रित आवासीय पेशकशों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
रेडी-टू-मूव और नियर-कंप्लीशन घरों की मांग
60 प्रतिशत से अधिक संभावित घर खरीदार रेडी-टू-मूव या निर्माण के अंतिम चरण के प्रोजेक्ट्स को पसंद करते हैं, जबकि अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स की तुलना में यह प्राथमिकता अधिक है। यह प्रवृत्ति पजेशन की निश्चितता और कम जोखिम को दर्शाती है। 30 वर्ष से कम आयु के लगभग आधे युवा खरीदार निर्माण के शुरुआती चरणों में कम कीमतों के कारण जोखिम उठाने में सहज हैं, जबकि 30 वर्ष से अधिक आयु के केवल 36 प्रतिशत उत्तरदाता प्रोजेक्ट जोखिम उठाते हैं। Colliers India के नेशनल डायरेक्टर और रिसर्च हेड विमल नादर का कहना है कि प्रमुख भारतीय बाजारों में लगभग 62 प्रतिशत संभावित खरीदार 2 और 3 BHK अपार्टमेंट पसंद करते हैं। त्योहारों का सीजन खरीदारों के लिए एक मुख्य उत्प्रेरक का काम करता है, और आने वाली तिमाहियों में आवास की मांग मजबूत रहने की उम्मीद है।