समस्या की जानकारी, समाधान और नागरिक पुष्टि सरकार का लक्ष्य: सीएम नायब सिंह सैनी

यह खबर गुरुग्राम से संबंधित है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं और जनसमस्याओं की समीक्षा बैठक की है। इस समीक्षा बैठक के उपरांत मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और निर्देश दिए हैं। - सरकार का मुख्य लक्ष्य नागरिक समस्या की जानकारी लेना, उसका समाधान करना और फिर नागरिक से उसकी पुष्टि करना है। - लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और उनकी ग्राउंड परफॉर्मेंस एसीआर में दर्ज होगी। - दिल्ली से गुरुग्राम कूड़ा डालने वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई होगी और जब्ती के साथ भारी जुर्माना लगाया जाएगा। - ककरोई हेड से बसई जल शोधन संयंत्र तक 69.585 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन का जनवरी में शिलान्यास किया जाएगा। - 1,993.59 करोड़ रुपये की यह बड़ी परियोजना आगामी 30 महीनों में पूरी होगी।
सरकार का लक्ष्य और निगरानी प्रणाली
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि हमारी सरकार का लक्ष्य नागरिकों की समस्या की जानकारी प्राप्त करना, उसका समाधान करना और फिर नागरिक से उसकी पुष्टि करना है। जब तक नागरिक संतुष्ट नहीं होगा, तब तक किसी भी शिकायत का निस्तारण पूरा नहीं माना जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह बात शुक्रवार को गुरुग्राम में विकास कार्यों की प्रगति, नागरिक सुविधाओं और जनसमस्याओं के समाधान की स्थिति की समीक्षा बैठक के उपरांत मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान कही है। उन्होंने बताया कि सरकार के पास नागरिकों की समस्याओं की जानकारी प्राप्त करने और उनके समाधान की स्थिति की निगरानी के लिए एक समानांतर व्यवस्था मौजूद है। इस समानांतर व्यवस्था की वे स्वयं मॉनिटरिंग करते हैं और इसके माध्यम से लगातार यह जानकारी मिलती रहती है कि जमीन पर वास्तविक स्थिति क्या है। साथ ही यह भी पता चलता रहता है कि नागरिकों को किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री स्वयं लेते हैं नागरिकों से फीडबैक
नायब सिंह सैनी ने जानकारी देते हुए कहा है कि कई बार जब कोई नागरिक उनके संज्ञान में अपनी समस्या लाता है, तो वे स्वयं उस नागरिक से बातचीत करते हैं। कई अवसरों पर वे यह बताए बिना कि वे प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं, सीधे तौर पर नागरिक से उसकी परेशानी पूछते हैं। वे नागरिक की बात को ध्यान से सुनते हैं और फिर संबंधित विभाग के अधिकारियों के सामने उस समस्या को रखते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी नागरिक की शिकायत उनके लिए केवल एक साधारण शिकायत नहीं होती है। यह शिकायत उनके लिए यह जानने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है कि सरकार की व्यवस्था उस आम व्यक्ति तक कितनी पहुंची है। उनका लगातार यह प्रयास रहता है कि मुख्यमंत्री और आम नागरिक के बीच किसी भी प्रकार की दूरी न रहे। हर व्यक्ति को यह पूरा विश्वास होना चाहिए कि उसकी आवाज सीधे सरकार तक पहुंच सकती है।
गुरुग्राम के नागरिकों के प्रति प्रशासन की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा है कि गुरुग्राम हरियाणा की आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों का एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां के सभी नागरिकों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी है। इस कार्य को पूरा करने के लिए प्रशासन को पूरी तरह से प्रो-एक्टिव होकर कार्य करना होगा। उनका प्रयास यह होना चाहिए कि समस्या उत्पन्न होने के बाद उसका समाधान करने के बजाय, जहां भी संभव हो, समस्या की पहचान पहले ही कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि नागरिकों की शिकायतों का लगातार फीडबैक लिया जाना चाहिए। यदि कोई नागरिक यह बताता है कि उसकी समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है, जबकि संबंधित अधिकारी द्वारा उसका निस्तारण किए जाने की रिपोर्ट दी जा चुकी है, तो ऐसे मामलों की दोबारा से जांच की जाएगी। जांच में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वास्तविक निस्तारण और अधिकारियों की जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी शिकायत का निस्तारण केवल कागजी फाइल बंद करने से नहीं होता है। शिकायत का वास्तविक निस्तारण तभी माना जाएगा, जब संबंधित नागरिक को उसकी समस्या से वास्तविक राहत मिले। इसके साथ ही नागरिक स्वयं यह पुष्टि करे कि उसकी समस्या का अब पूरी तरह से समाधान हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार में पूरी जिम्मेदारी तय की जाएगी और जहां भी लापरवाही पाई जाएगी, वहां कार्रवाई करने में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि गुरुग्राम जिले में बिल्डर द्वारा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का उचित संचालन नहीं किए जाने से संबंधित एक शिकायत का मामला सामने आया था। इस मामले में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों (आरओ) द्वारा लापरवाही बरते जाने पर उन्हें तुरंत निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने अंत में यह भी कहा कि गुरुग्राम में जो अधिकारी पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे, उनकी जमीनी स्तर की कार्य-प्रदर्शन यानी परफॉर्मेंस को उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में भी दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों की जवाबदेही केवल कार्यालय में बैठकर कार्य करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले सकारात्मक परिणामों के आधार पर भी तय की जाएगी।