एक साल से लंबित शिकायतों पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सख्ती, छुट्टी वाले दिन दफ्तर आकर काम करने के निर्देश

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जन शिकायतों के समाधान में देरी को लेकर बहुत सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सभी लंबित शिकायतों पर कड़ा जवाब मांगा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि छुट्टी वाले दिन भी दफ्तर में पहुंचकर अधिकारी और कर्मचारी सभी शिकायतों का निपटान करेंगे।
सीएम विंडो और समाधान शिविरों की समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सीएम विंडो, जनसंवाद, एसएमजीटी और समाधान शिविरों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की है। इस बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि एक जैसी व्यापक शिकायतों के समाधान के लिए सरकार द्वारा एक नई पॉलिसी तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने एक साल से लंबित शिकायतों के निपटारे के लिए छुट्टी वाले दिन भी कार्यालय लगाने के आदेश दिए हैं। साथ ही इस मामले में सभी संबंधित अधिकारियों को सोमवार तक रिपोर्ट भेजने की कड़ी हिदायत दी गई है।
जनसंवाद की शिकायतों और फैमिली आईडी पर निर्देश
जनसंवाद के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि व्यापक स्तर पर मिली एक जैसी समस्याओं के लिए सरकार द्वारा पॉलिसी बनाई जाएगी जिससे जनता को व्यापक राहत मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि फैमिली आईडी में सुधार के संबंध में काफी शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन सभी शिकायतों के समाधान के लिए राज्य के सभी जिलों में अतिरिक्त उपायुक्तों को आय को छोड़कर व्यापक अधिकार दिए गए हैं।
मकान और फ्लैट आवंटन में पारदर्शिता के निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि पात्र परिवारों को मकान व फ्लैट देने के मामलों में पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। पात्र परिवारों की आय तथा अन्य पात्रता की तसदीक ग्राम पंचायतों के माध्यम से करवाई जाए क्योंकि पंचायत को सभी की वास्तविक स्थिति का पता होता है। ऐसा करने से केवल वास्तविक पात्र व्यक्तियों को ही मकान मिल सकेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन जिलों में नीचे के कर्मचारियों ने गलत तसदीक करके अपात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है, उनकी रिपोर्ट सभी उपायुक्त मुख्य सचिव को तुरंत भिजवाएं ताकि ऐसे दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों की जिम्मेदारी और समयसीमा तय
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आमजन से प्राप्त होने वाली शिकायतों व समस्याओं के समाधान के लिए सभी उपायुक्त नियमित रूप से फॉलोअप लें। सभी उपायुक्तों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट यानी एटीआर मुख्यालय को समय पर भिजवाएं। यदि कोई भी अधिकारी निर्धारित समय सीमा के अंदर समस्या का समाधान नहीं करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जनसंवाद पर प्राप्त जिन शिकायतों पर पिछले एक साल से कोई कार्रवाई नहीं हुई है, उनमें संबंधित अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी तय की जाए। मुख्यमंत्री ने अंत में यह भी कहा कि उनकी अध्यक्षता में आयोजित बैठकों में निर्देश देने और आवश्यक बजट उपलब्ध करवाने के बाद भी यदि समस्याओं के समाधान में देरी हुई है तो संबंधित अधिकारी इसके लिए अपना स्पष्टीकरण दें।