कुरुक्षेत्र -CM फ्लाइंग इंस्पेक्टर रिश्वत में गिरफ्तार, 5 लाख का ट्रैप

कुरुक्षेत्र -CM फ्लाइंग इंस्पेक्टर रिश्वत में गिरफ्तार, 5 लाख का ट्रैप

CM फ्लाइंग इंस्पेक्टर 5 लाख रिश्वत में गिरफ्तार, ACB का ट्रैप

हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के बीच CM फ्लाइंग के एक इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी ने सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि खनन से जुड़ी गाड़ियों को बिना रोक-टोक निकालने के बदले हर महीने रकम मांगी जा रही थी। एसीबी ने जाल बिछाकर कथित तौर पर 5 लाख रुपये लेते हुए इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया।

शशि अरोड़ा/कुरुक्षेत्र /20 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

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हरियाणा में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई की है। कुरुक्षेत्र एसीबी की टीम ने मुख्यमंत्री उड़नदस्ता (CM Flying) के इंस्पेक्टर को ₹5 लाख की भारी-भरकम रिश्वत के नोट गिनते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। खाकी को शर्मसार करने वाले इस मामले का पूरा ब्योरा, कार्रवाई की इनसाइड स्टोरी और शिकायतकर्ता की आपबीती नीचे विस्तार से पढ़ें।

भ्रष्टाचार पर एंटी करप्शन ब्यूरो का करारा प्रहार

हरियाणा में इन दिनों एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) का जबरदस्त खौफ देखने को मिल रहा है। प्रदेशभर में सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ने के लिए एसीबी की टीमें लगातार रिकॉर्ड तोड़ छापेमारी कर रही हैं। छोटे कर्मचारियों से लेकर बड़े प्रशासनिक अधिकारियों तक, जो भी रिश्वतखोरी के दलदल में फंसा है, उस पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।

इसी सिलसिले में एसीबी ने एक और बेहद सनसनीखेज और हाई-प्रोफाइल कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि कानून की नजर में कोई भी अधिकारी कितना भी रसूखदार क्यों न हो, वह बच नहीं सकता। एसीबी के इस रौद्र रूप से भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के पसीने छूट रहे हैं।

CM फ्लाइंग का इंस्पेक्टर ₹5 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार

एंटी करप्शन ब्यूरो की कुरुक्षेत्र टीम ने कड़ा संज्ञान लेते हुए हरियाणा मुख्यमंत्री उड़नदस्ता (CM Flying Squad) में तैनात इंस्पेक्टर राजेश कुमार को ₹5 लाख की नगद रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी इंस्पेक्टर की तैनाती अंबाला में थी और वह रिश्वत की एक बड़ी किस्त की वसूली कर रहा था।

हैरानी की बात यह है कि जिस अधिकारी के कंधों पर पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों को रोकने की जिम्मेदारी थी, वही खुद रिश्वतखोरी के काले खेल का मुख्य सूत्रधार निकला। आरोपी इंस्पेक्टर राजेश कुमार की सरकारी नौकरी में केवल दो साल का कार्यकाल शेष बचा था और वह जल्द ही रिटायर होने वाला था। लेकिन लालच के कारण उसने अपना ईमान और वर्दी का सम्मान दांव पर लगा दिया।

70 गाड़ियों से हर महीने मांगी जा रही थी ‘एंट्री फीस’

इस पूरे मामले की शुरुआत करनाल जिले के रावर गांव निवासी कंस्ट्रक्शन कारोबारी कुलदीप सिंह की शिकायत से हुई। कुलदीप सिंह का निर्माण सामग्री और परिवहन का बड़ा व्यवसाय है। पीड़ित कारोबारी की गाड़ियां यमुनानगर से करनाल के बीच खनन सामग्री, बालू और बजरी लेकर नियमित रूप से गुजरती हैं।

आरोपी इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने यमुनानगर से करनाल तक रूट पर चलने वाली कुलदीप सिंह के ग्रुप की 70 गाड़ियों को बिना रोक-टोक और बिना किसी चालान के निकलने देने के एवज में हर महीने ‘एंट्री फीस’ की मांग की थी। आरोपी अधिकारी ने साफ शब्दों में धमकी दी थी कि बिना महीने के पैसे दिए गाड़ियां सड़क पर नहीं चल पाएंगी।

10 हजार प्रति गाड़ी से शुरू हुई सौदेबाजी और ट्रैप

कारोबारी कुलदीप सिंह के अनुसार, आरोपी इंस्पेक्टर शुरुआत में प्रति गाड़ी ₹10,000 महीने के हिसाब से भारी रकम मांग रहा था। इस हिसाब से 70 गाड़ियों का कुल मासिक खर्च ₹7 लाख बैठता था। जब पीड़ित ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो 19 सितंबर की रात उमरी पुल के नीचे दोनों के बीच मुलाकात और सौदेबाजी हुई।

लंबी बातचीत के बाद आरोपी इंस्पेक्टर ₹7,000 प्रति गाड़ी के हिसाब से मासिक वसूली पर सहमत हुआ। 70 गाड़ियों के हिसाब से चालू महीने के लिए कुल ₹5 लाख की रिश्वत तय की गई। पीड़ित कारोबारी ने समझदारी दिखाते हुए रिश्वत की मांग से जुड़ी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग कर ली और तुरंत 19 सितंबर को ही कुरुक्षेत्र एसीबी टीम को इसकी लिखित शिकायत सौंप दी।

एसीबी ने बुना जाल और रंगे हाथ दबोचा

शिकायत मिलने के बाद एसीबी अधिकारियों ने ऑडियो रिकॉर्डिंग और साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर मामले की पुष्टि की। पुष्टि होते ही आरोपी को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित ट्रैप तैयार किया गया। राजपत्रित अधिकारी और स्वतंत्र शैडो गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता को कैमिकल लगे ₹5 लाख के नोट देकर आरोपी के पास भेजा गया।

जैसे ही अंबाला में तय स्थान पर आरोपी इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने शिकायतकर्ता से ₹5 लाख की रकम हाथ में ली और नोट गिनने लगा, घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही सरेआम दबोच लिया। हाथ धुलाने पर केमिकल का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने का अकाट्य सबूत मिल गया।

दो बच्चे कनाडा में, अब जेल की हवा खाएगा इंस्पेक्टर

गिरफ्तार किए गए आरोपी इंस्पेक्टर राजेश कुमार के पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उसके दो बच्चे हैं, जो इस समय कनाडा में पढ़ाई और काम कर रहे हैं। समाज में अच्छी प्रतिष्ठा और बेहतर सरकारी वेतन के बावजूद केवल अतिरिक्त कमाई के लालच ने इंस्पेक्टर के पूरे करियर और परिवार के नाम पर दाग लगा दिया।

एसीबी की इस सख्त कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ एसीबी थाना अंबाला में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 105 के तहत पूरी कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।

खाकी पर उठे गंभीर सवाल, एसीबी के खौफ से हड़कंप

हालांकि सीएम फ्लाइंग स्क्वाड एक विशेष प्रशासनिक विंग है, लेकिन इसमें कार्यरत अधिकारी मूल रूप से हरियाणा पुलिस कैडर के ही होते हैं। ऐसे में पुलिस विभाग के ही एक वरिष्ठ अधिकारी का रिश्वत लेते पकड़ा जाना खाकी वर्दी पर बहुत बड़ा बट्टा लगाता है। इस घटना से एक बार फिर पुलिस महकमे की साख पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

दूसरी ओर, हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो की इस ताबड़तोड़ और निर्भीक कार्रवाई की जनता में काफी सराहना हो रही है। आम लोगों का मानना है कि यदि एसीबी इसी तरह बिना किसी राजनीतिक दबाव के भ्रष्ट अधिकारियों पर लगातार शिकंजा कसती रही, तो सरकारी तंत्र में व्याप्त रिश्वतखोरी पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सकेगी।

जनता की राय और कानूनी प्रक्रिया

फिलहाल आरोपी इंस्पेक्टर राजेश कुमार को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रिश्वतखोरी के सिंडिकेट में सीएम फ्लाइंग या अन्य विभागों के कौन-कौन से अधिकारी व दलाल शामिल थे।

हरियाणा की जनता इस पूरी कार्रवाई को राज्य में पारदर्शी शासन की दिशा में एक बड़ा कदम मान रही है। सरकारी महकमों में हड़कंप का माहौल है और सभी कर्मचारियों को संदेश चला गया है कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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