छाता शुगर मिल आंदोलन में पहली एफआईआर दर्ज -चार नामजद और 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ हुई है रिपोर्ट

छाता शुगर मिल आंदोलन में पहली एफआईआर दर्ज
-चार नामजद और 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ हुई है रिपोर्ट
शुगर मिल आंदोलन अंधेरे में पुलिस ने की कार्यवाही, उजाले में किसानों ने ताकत दिखाई
-एफआईआर दर्ज होने के बाद नामजदों को पुलिस ले गई थाने
मथुरा/ 21 सितम्बर 2026 /मानव/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
मथुरा में छाता शुगर मिल को चालू कराने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस ने सोमवार को अंधेरे में कार्रवाई करते हुए धरना स्थल को खाली करा लिया है। आंदोलन की अगुवाई कर रहे चार नामजदों को एफआईआर में नामजद होने पर पुलिस धरना स्थल से उठाकर थाने ले गई थी। हालांकि, बताया जा रहा है कि कुछ समय बाद थाने से इन सभी को छोड़ दिया गया था।
प्रशासनिक कार्रवाई और छाता शुगर मिल क्षेत्र में भारी सुरक्षा
प्रशासन ने तड़के सुबह करीब 4 बजे भारी पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की मदद से धरना स्थल को खाली करा लिया। इसके बाद आंदोलनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। छाता थाने में किसानों और प्रमुख नेताओं पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। तड़के हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद से छाता शुगर मिल के पूरे क्षेत्र को कड़ी सुरक्षा के दायरे में ले लिया गया है।

रात के अंधेरे में हुई कार्रवाई और गांवों में पंचायतों का दौर
रात के अंधेरे में हुई इस कार्रवाई की सूचना आसपास के गांवों में आग की तरह फैल गई। आनन-फानन में गांवों में पंचायतें हुईं और बेहद कम समय में बड़ी संख्या में लोग छाता शुगर मिल पर एक बार फिर एकत्रित हो गए। भीड़ को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी पूरी तरह सतर्क हो गए हैं। शुगर मिल के आसपास के क्षेत्र में पुलिस और पीएसी को तैनात कर दिया गया है। गांवों में चल रही गतिविधियों पर स्थानीय खुफिया विभाग लगातार अपनी नजर गड़ाए हुए है।
सूरज चढ़ने के साथ बढ़ा आंदोलन का तापमान और किसानों का प्रदर्शन
सूरज चढ़ने के साथ ही आंदोलन का तापमान भी तेजी से बढ़ने लगा। लोगों की भीड़ जुटने पर धरना स्थल से हटाए गए लोग फिर से छाता शुगर मिल पर पहुंच गए। पुलिस द्वारा छाता चीनी मिल धरना स्थल से किसानों को हटाने के बाद मथुरा में तनाव काफी बढ़ गया है। मौजूदा स्थिति यह है कि एक दर्जन से अधिक गांवों के किसान दोबारा से एकजुट हो गए हैं। पूर्व सूबेदार ललित कर्मयोगी के नेतृत्व में किसानों ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी है, जिससे सोमवार दोपहर के समय भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर किसानों में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है।
सामग्री जब्ती और क्षेत्र में वर्तमान तनावपूर्ण स्थिति
रविवार की रात को पुलिस ने धरना स्थल से आंदोलनकारियों को हटाने के साथ-साथ टेंट, जनरेटर, डीजल समेत अन्य सभी सामान को जब्त कर लिया था। इसके बाद जेसीबी मशीन की मदद से धरना स्थल को पूरी तरह समतल करा दिया गया था। मौके पर एसडीएम छाता अखिलेश कुमार सिंह, तहसीलदार सहित कई थानों का पुलिस बल और महिला पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस की भारी मौजूदगी के बावजूद किसानों के दोबारा जुटने के कारण पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति लगातार बनी हुई है।


छाता शुगर मिल आंदोलन में पहली एफआईआर दर्ज
-चार नामजद और 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ हुई है रिपोर्ट
पिछले करीब 40 दिन से छाता शुगर को चालू कराने जाने को लेकर चल रहे आंदोलन में पहली एफआईआर दर्ज हुई है। एफआईआर में एक महिला सहित कुल चार लोगों को नाम दर्ज किया गया है जबकि 100 से 150 को अज्ञात में शामिल किया गया है। रिटायर्ड सूबेदार ललित तालान, पूर्व प्रधान कोटवन जबर सिंह, दिगम्बर चौधरी, नुन्ना देवी सहित 100 से 150 अज्ञात के खिलाफ बीएनएस की धारा 191(2), 352, 351 (3), 196 (1) (ए), 61 (2) व एससी, एसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज हुई है।
थाना कोसीकला में अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ रजिस्टर्ड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गिर्राज पुत्र रघुवीर सिंह ग्राम बठैनगेट व्याना कोसीकला ने यह एफआईआर दर्ज कराई है। गिर्राज ने आरोप लगाया है कि 20 सितम्बर को सोशल मीडिया के माध्यम से उनके फोन पर विभिन्न वीडियो प्राप्त हुए जिसमें से एक वीडियो जिसमें छाता शुगर मिल पर चल रहे अवैध धरने के दौरान धरने का संचालन कर रहे रिटायर्ड सूबेदार ललित तालान, जबर सिंह पूर्व प्रधान कोटवन तथा छाता निवासी दिगम्बर चौधरी के नेतृत्व में धरने में शामिल अन्य 100 से 150 अज्ञात महिला पुरुषों के द्वारा षड्यंत्र के तहत चौधरी लक्ष्मीनारायण नारायण मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार पर एक महिला श्रीमती नुन्ना पत्नी रमेश निवासी दद्दी गढ़ी थाना छाता जनपद मथुरा से धरने को सम्बोधित कराते हुए अभद्र टिप्पणी की गई तथा हरिजन समाज को लेकर भी आहत करने वाली टिप्पणी की गई। इन लोगों द्वारा वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफर्म पर शेयर भी किया गया है जिससे वाल्मिकि समाज में रोष व्याप्त है।
इन लोगों के द्वारा हमारे वाल्मिकि समाज को अपमानित करने के लिए शब्दों का प्रयोग कराया गया है। ऐसा एक बार नहीं इनके मंच से इनके गुर्गों द्वारा कई बार किया जा चुका हैं। जिसके सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो सबूत हैं। इनके इस कृत्य से समाज में वैमनस्यता बढ़ रही हैं और इनके द्वारा जान बूझ कर अपने निहित स्वार्थों के लिए समाज में जातीय तनाव पैदा किया जा रहा हैं।