चंडीगढ़ जीरी मंडी में धान सीजन, शौचालयों पर उठे सवाल

Atal Hind Team Online26 September 20262 min read6 viewsचंडीगढ़
चंडीगढ़ जीरी मंडी में धान सीजन, शौचालयों पर उठे सवाल

सेक्टर-39 की जीरी मंडी में शौचालयों पर ताले, किसान-मजदूर परेशान

धान का सीजन शुरू, मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

पुनीत महाजन/चंडीगढ़/ 26 सितंबर 2026/ अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

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सेक्टर-39 स्थित जीरी मंडी में धान की नई फसल की आवक शुरू हो गई है। किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं और मजदूर भी दिन-रात काम में जुटे हुए हैं। लेकिन मंडी में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण किसानों और मजदूरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सोशल वर्कर एवं वार्ड नंबर-28 से संबंधित लाडी पन्नू ने आरोप लगाया कि मंडी में पर्याप्त शौचालय सुविधा उपलब्ध नहीं है। जो शौचालय बनाए गए हैं, उनमें कई पर ताले लगे हुए हैं, जबकि कुछ शौचालय जर्जर एवं बदहाल स्थिति में हैं। ऐसे में आगामी करीब एक महीने तक चलने वाले धान के सीजन के दौरान मंडी में आने वाले किसानों और मजदूरों के सामने खुले में शौच जाने की मजबूरी पैदा हो सकती है।

लाडी पन्नू के अनुसार पिछले करीब तीन वर्षों से प्रत्येक धान सीजन के दौरान किसानों और मजदूरों को इसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद मंडी में शौचालयों की व्यवस्था को दुरुस्त करने और उन्हें नियमित रूप से चालू रखने की दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों की फसल खरीदने के लिए मंडी में तमाम व्यवस्थाएं की जाती हैं, लेकिन वहां काम करने वाले किसानों और मजदूरों की बुनियादी जरूरतों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी इस समस्या का तत्काल समाधान किया जाना जरूरी है।

लाडी पन्नू ने चंडीगढ़ प्रशासन और संबंधित मंडी अधिकारियों से मांग की कि मंडी के सभी शौचालयों को तत्काल खुलवाकर उनकी साफ-सफाई एवं मरम्मत करवाई जाए तथा धान सीजन के दौरान नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि प्रशासन शहर की स्वच्छता व्यवस्था और रैंकिंग को लेकर भले ही बड़े दावे करता हो, लेकिन मंडी जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर किसानों और मजदूरों को शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा नहीं मिलना गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने प्रशासन से अपील की कि किसानों और मजदूरों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए धान सीजन समाप्त होने का इंतजार किए बिना तत्काल शौचालयों की व्यवस्था दुरुस्त की जाए।

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