सोनीपत: भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चुनाव आयोग और भाजपा पर लगाए गंभीर मिलीभगत के आरोप

सोनीपत में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और भाजपा पर बड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि कांग्रेस जब चुनाव आयोग से कोई सवाल पूछती है, तब जवाब देने के लिए खुद भाजपा आगे आ जाती है। इससे भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत होने की आशंका पैदा होती है। उन्होंने दावा किया कि इसी मिलीभगत की वजह से भाजपा कई चुनाव जीत चुकी है, जिनमें हरियाणा का चुनाव भी शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में राहुल गांधी ने सबूतों के साथ बड़े सवाल उठाए हैं।
- पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा सोनीपत में दिवंगत डॉ. दिलीप सिंह पंवार को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।
- उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री पंजाब जाकर राज्य के पानी का मुद्दा नहीं उठाते हैं।
- महंगाई, किसानों की फसलों के एमएसपी और राज्य के बढ़ते कर्ज को लेकर भी सरकार को घेरा गया।
शोक व्यक्त करने पहुंचे थे हुड्डा
भूपेंद्र सिंह हुड्डा सोनीपत के पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार के पिता डॉ. दिलीप सिंह पंवार के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए पहुंचे थे। वह वहां शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात करने गए थे और उन्होंने दिवंगत आत्मा को अपनी श्रद्धांजलि दी थी। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की और कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
पानी के मुद्दे पर सरकार को घेरा
पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री अक्सर पंजाब जाते हैं। लेकिन वहां जाने के बाद भी वे हरियाणा के पानी के जरूरी मुद्दे को नहीं उठाते हैं। उन्होंने दावा किया कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के सिंचाई विभाग में हरियाणा राज्य का कोई भी सदस्य शामिल नहीं है। उनका कहना था कि इसी वजह से हरियाणा को उसके हिस्से का पूरा पानी मिलने में भारी दिक्कत आ रही है।
महंगाई और कर्ज को लेकर साधा निशाना
हुड्डा ने बढ़ती महंगाई को लेकर भी भाजपा सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चीनी और रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम लोगों की जेब पर बहुत बड़ा बोझ पड़ा है। उन्होंने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए दावा किया कि साल 2014 तक हरियाणा राज्य पर लगभग 70 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था। लेकिन भाजपा सरकार के शासनकाल के दौरान यह कर्ज बढ़कर सीधे साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उनका कहना था कि इस वजह से हरियाणा की आर्थिक स्थिति पहले के मुकाबले काफी कमजोर हो गई है।
किसानों की फसलों और एमएसपी पर बयान
रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी में की गई बढ़ोतरी को भी हुड्डा ने पूरी तरह नाकाफी बताया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी के शासनकाल के दौरान फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में औसतन 14 प्रतिशत वार्षिक बढ़ोतरी होती थी। जबकि मौजूदा भाजपा शासनकाल के दौरान यह बढ़ोतरी केवल पांच प्रतिशत के आसपास ही रही है। धान और बाजरे की सरकारी खरीद समय पर शुरू नहीं होने के कारण किसानों को अपनी फसल कम दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उनका दावा है कि किसानों को प्रति क्विंटल 400 रुपये तक कम दाम मिल रहे हैं। साथ ही खरीद पर कड़े नियम और सीमाएं लगाए जाने के कारण किसानों को मंडियों में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।